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हजारीबाग में डंकी रूट मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश, अमेरिका भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी, मास्टरमाइंड सहित पांच गिरफ्तार

अमेरिका भेजने का झांसा अमेरिका भेजने का झांसा

टाटीझरिया निवासी युवक ने दर्ज कराई एफआईआर

पैतृक जमीन बेचकर भेजे गए लाखों रुपये, अमेरिकी बॉर्डर पर पकड़कर हुआ डिपोर्ट

रिपोर्ट : अमित
हजारीबाग, झारखंड:
टाटीझरिया थाना क्षेत्र से एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो झारखंड के भोले-भाले युवाओं को अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड उदय कुमार कुशवाहा समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

गांव भराजो निवासी सोनू कुमार ने इस पूरे कांड की शिकायत 30 जुलाई 2025 को दर्ज कराई थी। उसने बताया कि गांव के ही उदय कुमार, जो वर्षों से अमेरिका में रहते हैं, ने उसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए डंकी रूट से अमेरिका भेजने का लालच दिया। वर्ष 2024 में सोनू को दिल्ली से ब्राजील भेजा गया, जहां से उसे इंटरनेशनल ट्रैफिकिंग नेटवर्क के हवाले कर दिया गया।

डंकी रूट से हुआ यातना का सफर
वादी सोनू कुमार के अनुसार, उसे ब्राजील से सड़क और नदी मार्ग के ज़रिए Bolivia, Peru, Ecuador, Colombia, Panama, Costa Rica, Honduras, Guatemala होते हुए मैक्सिको ले जाया गया। इस दौरान वह लगभग 50 दिनों तक माफिया के कब्जे में रहा। उसे छुपा कर ले जाया जाता रहा और इस दौरान उसके पिता से लगातार पैसे की मांग की जाती रही। मजबूर पिता ने पैतृक जमीन बेचकर करीब ₹45 लाख की रकम उदय कुमार के रिश्तेदारों को पहुंचाई।

अमेरिका बॉर्डर पर पकड़ाया, भारत किया गया डिपोर्ट
सोनू को मैक्सिको से San Diego के अमेरिकी बॉर्डर पर पहुंचाया गया, जहां उसे अमेरिकी एजेंसियों ने पकड़ लिया और डिटेंशन सेंटर भेज दिया। लगभग चार महीनों तक हिरासत में रहने के बाद मार्च 2025 में उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। लौटने के बाद जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो उदय कुमार और उनके भाई ने जान से मारने की धमकी दी।

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प्राथमिकी और पुलिस कार्रवाई
31 जुलाई को टाटीझरिया थाना कांड संख्या 32/25 के तहत BNS की कई धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई। हजारीबाग एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिश्रुगढ़ के नेतृत्व में विशेष छापामारी टीम गठित की गई, जिसने निम्नलिखित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  • उदय कुमार कुशवाहा (भराजो गांव, वर्तमान में अमेरिका निवासी)
  • दर्शन प्रसाद (बुध बाजार, टाटीझरिया)
  • लालमोहन प्रसाद (केसडा, टाटीझरिया)
  • चोहान प्रसाद (भराजो, टाटीझरिया)
  • शंकर प्रसाद (मेरु, हजारीबाग)
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जांच में सामने आई अहम जानकारियां
पुलिस ने छापेमारी के दौरान अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत और बैंक दस्तावेज जब्त किए हैं:

  • व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट, लेन-देन की रसीदें
  • डंकी रूट से भेजे गए लोगों की सूची सहित नोटबुक
  • बैंक ट्रांजैक्शन के प्रमाण
  • तीन अन्य मोबाइल फोन जिनमें संदिग्ध वार्ताएं दर्ज हैं
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अब तक इन 12 लोगों को अमेरिका भेजा गया
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि 2013 से अब तक 12 लोगों को इसी गिरोह ने डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा। इनमें दिगंबर कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा, नंदू कुमार, पप्पू कुमार, चंदन कुमार, शंभू दयाल सहित कई नाम सामने आए हैं।

पुलिस की अपील: सजग रहें, सूचना दें
हजारीबाग पुलिस इस केस को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क के रूप में देख रही है। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति विदेश भेजने के नाम पर बड़ी राशि की मांग कर रहा हो, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

अगर आपके आसपास ऐसी कोई घटना घटी हो तो हमसे संपर्क करे , हमे सूचना दे , आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।

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