महुआ में तेजस्वी यादव की सभा में हंगामा, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद नेता तेजस्वी यादव की महुआ रैली में भीड़ बेकाबू हुई, स्थिति संभालने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
महुआ (बिहार): बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल गर्माने के बीच रविवार को महुआ में राजद नेता तेजस्वी यादव की सभा के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि मंच के पास अफरातफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। अचानक हुई इस घटना से सभा स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और कुछ लोगों को हल्की चोटें भी आईं।
जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव की रैली में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। जैसे ही तेजस्वी मंच पर पहुंचे, लोगों में उन्हें करीब से देखने की होड़ मच गई। इस दौरान सुरक्षाबल व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हुए और मंच की ओर बढ़ती भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी।
भीड़ पर काबू पाने में जुटी पुलिस
महुआ के एसडीपीओ और थाना प्रभारी मौके पर मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, पहले पुलिसकर्मियों ने भीड़ को पीछे हटाने की अपील की, लेकिन लोग नहीं माने। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मामूली बल प्रयोग और लाठीचार्ज कर भीड़ को नियंत्रित किया। घटना के दौरान सभा स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोग मंच की रेलिंग पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिससे अव्यवस्था बढ़ी।
पुलिस के अनुसार, किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है। स्थिति अब नियंत्रण में है और सभा कार्यक्रम को थोड़े व्यवधान के बाद दोबारा शुरू किया गया।
तेजस्वी यादव ने शांत कराया माहौल
घटना के बाद तेजस्वी यादव ने खुद मंच से भीड़ को शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “आप सब हमारे अपने लोग हैं, कृपया शांति बनाए रखें। हमें मिलकर बिहार को नई दिशा देनी है, किसी तरह की अव्यवस्था से हमारे विरोधियों को मौका नहीं देना चाहिए।” उनकी अपील के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और लोग बैठ गए।
तेजस्वी यादव ने आगे अपने संबोधन में कहा कि बिहार में जनता बदलाव चाहती है। “अब वक़्त आ गया है जब किसानों, युवाओं और गरीबों की आवाज़ विधानसभा में गूंजे,” उन्होंने कहा।
चुनावी जोश में कार्यकर्ताओं की भीड़
महुआ की यह रैली राजद के चुनावी अभियान की प्रमुख सभाओं में से एक मानी जा रही थी। तेजस्वी यादव के आगमन से पहले ही सैकड़ों कार्यकर्ता गांव-गांव से पहुंचे थे। भीड़ इतनी अधिक थी कि प्रशासन के लिए व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि सभा स्थल पर निर्धारित क्षमता से कई गुना ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे। “हमने भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था, लेकिन लोग मंच की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद लाठीचार्ज की नौबत आई,” एक अधिकारी ने बताया।
विपक्षी दलों ने साधा निशाना
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने राजद पर निशाना साधा है। भाजपा और जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव की सभाओं में हमेशा अव्यवस्था रहती है। “जो नेता अपनी सभा की व्यवस्था नहीं संभाल सकते, वे बिहार की व्यवस्था कैसे संभालेंगे?” — एक जदयू प्रवक्ता ने कहा।
वहीं, राजद नेताओं ने जवाब देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव की लोकप्रियता से विपक्ष बौखलाया हुआ है। “इतनी भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि जनता परिवर्तन चाहती है,” राजद प्रवक्ता ने कहा।
स्थानीय प्रशासन ने किया सुरक्षा का पुनर्मूल्यांकन
घटना के बाद महुआ प्रशासन ने अगली सभाओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। डीएम और एसपी ने बताया कि आगामी कार्यक्रमों में अतिरिक्त बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण गेट और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
महुआ की रैली में हुआ हंगामा भले ही कुछ समय के लिए कार्यक्रम को बाधित कर गया हो, लेकिन तेजस्वी यादव की इस सभा ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि राजद के समर्थन में ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त उत्साह है। तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में युवाओं को रोजगार, शिक्षा और विकास के नए वादों से जोड़ने की कोशिश की।
हालांकि, यह घटना बिहार के चुनावी माहौल में एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकती है, जहां कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण के मुद्दे पहले से ही चुनावी विमर्श के केंद्र में हैं।






