...

कोषागार घोटाले का दायरा बढ़ा, पश्चिमी सिंहभूम में 45 लाख की अवैध निकासी

West Singhbhum Treasury Scam

पुलिस खातों से गड़बड़ी, एक आरक्षी हिरासत में, जांच तेज

झारखंड: हजारीबाग और बोकारो के बाद अब कोषागार घोटाले का दायरा पश्चिमी सिंहभूम तक पहुंच गया है। यहां पुलिस विभाग के खातों से करीब 45 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। यह मामला सामने आते ही पुलिस और प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस ने शुरू की गहन जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मनीष कुमार इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही रांची मुख्यालय से एक विशेष वित्तीय जांच टीम भी पश्चिमी सिंहभूम पहुंची है, जो पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच में जुटी है।

एक आरक्षी हिरासत में
जांच के दौरान पुलिस ने गोइलकेरा क्षेत्र से एक आरक्षी को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि संदिग्ध लेन-देन में उसकी भूमिका सामने आई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने अकेले इस घोटाले को अंजाम दिया या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

बैंकिंग डेटा और तकनीकी जांच
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध खातों और ट्रांजेक्शन की गहन जांच के लिए बैंकिंग डेटा जुटाया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है, ताकि डिजिटल ट्रेल के जरिए यह पता लगाया जा सके कि पैसा कहां से निकला और कहां ट्रांसफर हुआ। इस जांच से पूरे घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

निकासी का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अवैध निकासी का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। पुलिस के लेखा विभाग में कार्यरत दो कर्मचारियों से पूछताछ की गई है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि रकम किस माध्यम से और किस अवधि में निकाली गई। हिरासत में लिए गए आरक्षी के पास भी निकासी का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं मिला है।

resizone elanza

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
गौरतलब है कि इससे पहले हजारीबाग और बोकारो में भी ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं के बाद अब यह आशंका और मजबूत हो गई है कि यह कोई संगठित घोटाला हो सकता है, जो कई जिलों में फैला हुआ है।

प्रशासन अलर्ट, बढ़ी निगरानी
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद राज्य सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में है। कोषागार और वित्तीय लेन-देन पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।

पश्चिमी सिंहभूम में सामने आया यह मामला साफ संकेत देता है कि झारखंड में कोषागार घोटाला व्यापक रूप ले सकता है। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है पूरे नेटवर्क का खुलासा करना और दोषियों को कानून के दायरे में लाना। इस मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *