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जमशेदपुर में ‘चटनी डॉन’ को राहत, कोर्ट ने दी जमानत

Priya Singh Chatni Don Bail

तड़ीपार उल्लंघन मामले में जेल में थी बंद, अब मिलेगी रिहाई

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर की चर्चित महिला अपराधकर्मी प्रिया सिंह उर्फ ‘चटनी डॉन’ को बड़ी कानूनी राहत मिली है। जिला प्रधान और सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय की अदालत ने सुनवाई के बाद उसे जमानत प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद अब प्रिया सिंह के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

तड़ीपार आदेश का उल्लंघन पड़ा था भारी
मालूम हो कि प्रिया सिंह को सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत जिला बदर यानी तड़ीपार की सजा दी गई थी। लेकिन इस आदेश का उल्लंघन करते हुए वह अवैध रूप से शहर में प्रवेश कर गई थी। बीते 10 मार्च को सोनारी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्वाला बस्ती इलाके में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे घाघीडीह सेंट्रल जेल भेज दिया गया था, जहां वह पिछले करीब दो महीनों से बंद थी।

इन दलीलों पर कोर्ट ने दी राहत
कोर्ट में बचाव पक्ष के अधिवक्ता आनंद झा ने जमानत के लिए कई अहम दलीलें पेश कीं। उन्होंने बताया कि तड़ीपार उल्लंघन के मामले में अधिकतम सजा 5 साल से कम है और आरोपी पहले ही दो महीने से जेल में रह चुकी है। इसके अलावा मानवीय आधार पर यह भी बताया गया कि प्रिया सिंह का छोटा बच्चा बीमार है।कोर्ट में बच्चे के इलाज से जुड़े मेडिकल दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए, जिन्हें अदालत ने गंभीरता से लिया। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

अपराध जगत में चर्चित नाम
प्रिया सिंह उर्फ चटनी डॉन जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र की रहने वाली है और अपराध जगत में उसका नाम पहले से चर्चित रहा है। उस पर रंगदारी, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों के सात से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रही थी।

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अब क्या होगा आगे?
जमानत मिलने के बाद अब प्रिया सिंह जल्द ही जेल से बाहर आ सकेगी। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और पुलिस उस पर नजर बनाए रखेगी। जमशेदपुर में ‘चटनी डॉन’ को मिली जमानत ने एक बार फिर कानून और अपराध के बीच संतुलन पर चर्चा छेड़ दी है। जहां एक ओर अदालत ने मानवीय और कानूनी आधार पर राहत दी, वहीं दूसरी ओर पुलिस और समाज के लिए यह एक सतर्कता का विषय भी बना हुआ है।

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