अंबाटोली में भक्ति की गूंज: शिव परिवार एवं हनुमान प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का भव्य शुभारंभ
पूरे गांव में आध्यात्मिक उत्साह, श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भीड़
पिठौरिया (रांची): रांची के पिठौरिया क्षेत्र स्थित अंबाटोली गांव आज से एक भव्य धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। यहां 2 मई से तीन दिवसीय श्री श्री 1008 भगवान शिव परिवार एवं हनुमान प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ हो रहा है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है।
जलयात्रा के साथ होगा भव्य आगाज
महायज्ञ के पहले दिन यानी शनिवार को भव्य जलयात्रा (कलश यात्रा) निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भाग लेंगी। यह जलयात्रा पूरे गांव में धार्मिक वातावरण का संचार करेगी और इसके साथ ही यज्ञ की विधिवत शुरुआत होगी। जलयात्रा के पश्चात मंडप प्रवेश, गणेश पूजन और यज्ञारम्भ की प्रक्रियाएं संपन्न होंगी।
विधि-विधान के साथ होंगे धार्मिक अनुष्ठान
पहले दिन ही जलाधिवास, अन्नाधिवास और सर्वविध अधिवास जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इन अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से यज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया को शुद्धता और विधिपूर्वक प्रारंभ किया जाता है।
दूसरे दिन होगा नगर भ्रमण और देव कलान्यास
रविवार 3 मई को महायज्ञ का दूसरा दिन और भी विशेष रहेगा। इस दिन मूर्तियों का शुद्धि संस्कार और देवकलान्यास की विधि संपन्न की जाएगी। इसके बाद भगवान के विग्रहों का भव्य नगर भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शामिल होंगे। यह नगर भ्रमण गांव के प्रत्येक कोने में भक्ति और आस्था का संदेश पहुंचाएगा।
अंतिम दिन प्राण प्रतिष्ठा और महाभंडारा
महायज्ञ के तीसरे और अंतिम दिन सोमवार 4 मई को देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, जो इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा। इसके साथ ही यज्ञ होम और पूर्णाहुति संपन्न की जाएगी। कार्यक्रम के समापन पर विशाल महाभंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
रात्रि में भक्ति जागरण का आयोजन
महायज्ञ के अंतिम दिन रात्रि में भक्ति जागरण का भी आयोजन किया जाएगा, जहां भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालु पूरी रात भक्ति में लीन रहेंगे। यह आयोजन पूरे माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना देगा।
आयोजन समिति की अपील
यज्ञ समिति के अध्यक्ष राजेंद्र गोप और सचिव नागेश्वर गोप सहित सभी पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य के भागी बनें। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ग्रामीणों का योगदान, आयोजन बना जनआस्था का केंद्र
इस महायज्ञ को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पूरे गांव ने मिलकर इस आयोजन को एक भव्य स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई है।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व
ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त बनाते हैं। अंबाटोली का यह महायज्ञ भी क्षेत्र में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक समरसता का संदेश देगा। अंबाटोली में शुरू हो रहा यह तीन दिवसीय महायज्ञ न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए आस्था, श्रद्धा और एकता का महापर्व बन गया है। अब सभी की नजर इस भव्य आयोजन पर है, जहां भक्ति, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।






