नाकेबंदी के बीच राहत: भारत से जुड़ा LPG टैंकर होर्मुज पार
45,000 टन गैस लेकर बढ़ा ‘सर्वशक्ति’, वैश्विक ऊर्जा संकट में बड़ी खबर
मुनादी लाइव :पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत से जुड़ा एक एलपीजी टैंकर सफलतापूर्वक दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर गया है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज ‘सर्वशक्ति’ शनिवार को ईरान के लारक और केशम द्वीप के पास से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी में पहुंच गया। इस जहाज में लगभग 45,000 टन LPG लदा हुआ है, जो आमतौर पर घरेलू ईंधन के रूप में इस्तेमाल होता है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह सफर
माना जा रहा है कि यह टैंकर भारत की ओर ही बढ़ रहा है। ‘सर्वशक्ति’ एक बड़ा गैस कैरियर है, जो पहले भी फारस की खाड़ी और भारत के बीच नियमित रूप से चल चुका है। इस जहाज का सुरक्षित रूप से होर्मुज पार करना इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के हफ्तों में इस क्षेत्र में अमेरिकी नाकेबंदी और तनाव के चलते जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।
नाकेबंदी से ठप हुआ था समुद्री ट्रैफिक
ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने वाली पाबंदियों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या लगभग शून्य तक पहुंच गई थी। इससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा कॉरिडोर में भारी बाधा उत्पन्न हो गई थी और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई थी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सफर
जानकारी के मुताबिक ‘सर्वशक्ति’ जहाज अपनी यात्रा के दौरान लगातार अपने गंतव्य और क्रू की जानकारी प्रसारित कर रहा है। यह एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल है, जिसे हाल के युद्ध और तनाव के बाद इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाज बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं।
पहले भी दिखे संकेत
इससे पहले खबर आई थी कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार एक एलएनजी टैंकर भी होर्मुज पार करने में सफल रहा था। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ‘मुबारज’ नामक एलएनजी टैंकर अबू धाबी से निकलकर भारत के पास समुद्री क्षेत्र में देखा गया था, जिसने इस संकटग्रस्त मार्ग में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने के संकेत दिए थे।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार और कीमतों को प्रभावित करती है। ऐसे में ‘सर्वशक्ति’ का सुरक्षित गुजरना भारत समेत कई देशों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत से जुड़े LPG टैंकर का होर्मुज पार करना न सिर्फ एक रणनीतिक सफलता है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता के संकेत भी देता है। अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकेगी, जिससे ऊर्जा संकट में कुछ राहत मिल सकती है।






