तमिलनाडु में TVK की जीत, ₹10.71 लाख करोड़ कर्ज के बीच कैसे पूरे होंगे ‘फ्री स्कीम’ वादे?
सत्ता की दहलीज पर TVK, लेकिन सामने कर्ज और वादों की बड़ी चुनौती
मुनादी लाइव : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में विजय थलापति की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 110 सीटें जीत ली हैं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। गठबंधन के सहारे सरकार बनना लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन सत्ता की कुर्सी संभालने से पहले ही एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या विजय अपने चुनावी वादों को पूरा कर पाएंगे?
₹10.71 लाख करोड़ का कर्ज, सबसे बड़ी चुनौती
तमिलनाडु पहले से ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। अनुमान के मुताबिक राज्य पर करीब ₹10.71 लाख करोड़ का कर्ज है। ऐसे में सरकार बनने के बाद विजय थलापति के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी—राज्य की वित्तीय स्थिति को संभालते हुए महंगे चुनावी वादों को लागू करना।
6 फ्री सिलेंडर: कितना भारी पड़ेगा यह वादा?
TVK ने अपनी ‘Annapoorani Super Six Scheme’ के तहत हर परिवार को साल में 6 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया है। लेकिन LPG की बढ़ती कीमतों और सब्सिडी के दबाव को देखते हुए यह योजना सरकारी खजाने पर भारी बोझ डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसे पूरी तरह लागू किया गया, तो सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
8 ग्राम सोना और शादी सहायता
TVK ने गरीब महिलाओं की शादी पर 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का भी वादा किया है। यह योजना पहले भी कुछ राज्यों में लागू रही है, लेकिन वित्तीय दबाव के कारण इसे बनाए रखना आसान नहीं होता। तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में इसे लागू करना सरकार के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ बन सकता है।
महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े ऐलान
पार्टी ने महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़े वादे किए हैं:
- 60 साल से ऊपर महिलाओं को ₹2500 मासिक सहायता
- स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन
- बेरोजगार स्नातकों को ₹4000 और डिप्लोमा धारकों को ₹2000 मासिक
- 5 लाख युवाओं को इंटर्नशिप अवसर
इन योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा और रोजगार बढ़ाना है, लेकिन इनकी लागत भी काफी अधिक होगी।
मुफ्त बिजली और शिक्षा योजनाएं
TVK ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली और छात्रों के परिवारों को ₹15,000 सालाना सहायता देने का भी वादा किया है। इसके अलावा बिना गारंटी के ₹25 लाख तक का एजुकेशन लोन देने की योजना भी शामिल है। इन योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत वित्तीय रणनीति की जरूरत होगी।
क्या संभव है इन वादों को पूरा करना?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी योजनाओं को एक साथ लागू करना आसान नहीं होगा। सरकार को या तो टैक्स बढ़ाना होगा, या फिर अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी। इसके अलावा केंद्र से मदद, निवेश आकर्षित करना और आर्थिक सुधार जैसे कदम भी जरूरी होंगे।
तमिलनाडु में TVK की जीत ने नई राजनीतिक उम्मीदें जरूर जगाई हैं, लेकिन साथ ही आर्थिक चुनौतियों का बड़ा पहाड़ भी खड़ा कर दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विजय थलापति अपने वादों को किस तरह जमीन पर उतारते हैं—क्योंकि सत्ता में आना आसान है, लेकिन वादे निभाना असली परीक्षा होगी।






