खूंटी की आदिवासी युवती को 17 साल तक दिल्ली में बंधक बनाकर रखा
घरेलू काम कराने के साथ बार-बार यौन शोषण, गर्भपात कराने का भी आरोप
रांची/दिल्लीः झारखंड के खूंटी जिले की एक आदिवासी युवती के साथ हुई अमानवीय घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे दिल्ली में 17 साल तक बंधक बनाकर रखा गया, घरेलू मजदूरी कराई गई और बार-बार यौन शोषण का शिकार बनाया गया। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
14 साल की उम्र में दिल्ली लाई गई थी युवती
पीड़िता के मुताबिक साल 2009 में जेटा मुंडा नामक व्यक्ति उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली लेकर गया था। उस समय उसकी उम्र महज 14 साल थी। युवती को दिल्ली के कोहाट एन्क्लेव स्थित मधु अग्रवाल के घर में घरेलू काम के लिए रखा गया। पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे परिवार से संपर्क तक नहीं करने दिया गया। इतना ही नहीं, उसके पिता की मौत की खबर भी उससे छिपाई गई।
दुष्कर्म और जबरन गर्भपात का आरोप
युवती ने पुलिस को बताया कि घर में काम करने वाले एक व्यक्ति ने उसे डरा-धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया। जब वह गर्भवती हुई तो मकान मालिक की बहू और बेटी ने उसका गर्भपात करवा दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में छत पर नहाने के दौरान एक अन्य युवक ने भी उसके साथ गलत हरकत की। उस घटना को घर के मालिक ने CCTV में देखा, लेकिन किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
भाई को पैसे देकर वापस भेजने का आरोप
पीड़िता के अनुसार नवंबर 2025 में उसका भाई उसे लेने दिल्ली पहुंचा था। लेकिन आरोप है कि घरवालों ने उसे 10 हजार रुपये देकर वापस भेज दिया और युवती को वहीं रोके रखा।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मानव तस्करी, बंधक बनाकर रखने, यौन शोषण और जबरन गर्भपात समेत कई गंभीर आरोपों की जांच कर रही है।
मानव तस्करी और घरेलू शोषण पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर झारखंड और अन्य राज्यों से गरीब आदिवासी लड़कियों को नौकरी के बहाने महानगरों में ले जाकर शोषण किए जाने के मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।





