दो साल बाद जेल से बाहर आए आलमगीर आलम, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत
सुप्रीम कोर्ट से बेल ऑर्डर मिलने के बाद हुई रिहाई
रांची : झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री Alamgir Alam आखिरकार जेल से बाहर आ गए हैं। सुप्रीम कोर्ट से जमानत आदेश की कॉपी मिलने के बाद उन्हें रांची के होटवार जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर निकलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जेल गेट पर उनकी विधायक पत्नी Nisat Alam, पोते और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया और जमकर नारेबाजी की। आलमगीर आलम की रिहाई के बाद उनके समर्थकों में जश्न का माहौल देखा गया।
11 मई को सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत
गौरतलब है कि आलमगीर आलम को 11 मई को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। हालांकि बेल ऑर्डर की कॉपी समय पर नहीं मिलने के कारण वह अगले दो दिनों तक जेल से बाहर नहीं आ सके थे। जैसे ही अदालत का आदेश जेल प्रशासन तक पहुंचा, उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। करीब दो साल बाद जेल से बाहर आने के बाद आलमगीर आलम भावुक नजर आए। समर्थकों ने इसे “सच्चाई की जीत” बताते हुए खुशी जताई।
15 मई 2024 को ईडी ने किया था गिरफ्तार
दरअसल, Enforcement Directorate (ईडी) ने 15 मई 2024 को आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 6 मई 2024 को ईडी ने उनके निजी सचिव संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के फ्लैट पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एजेंसी को फ्लैट से करीब 32 करोड़ 20 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। इसी मामले में पूछताछ के बाद ईडी ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था।
राजनीतिक गलियारों में फिर तेज हुई चर्चा
आलमगीर आलम की रिहाई के बाद झारखंड की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके समर्थक इसे राजनीतिक लड़ाई में बड़ी राहत मान रहे हैं, जबकि विपक्ष इस मामले को लेकर पहले की तरह हमलावर बना हुआ है। दो साल बाद जेल से बाहर आए आलमगीर आलम के स्वागत में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने यह भी संकेत दिया कि उनका राजनीतिक प्रभाव अब भी कायम है। आने वाले दिनों में उनकी सक्रियता झारखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है।



