सांसद मनीष जायसवाल ने नेमरा में पूर्व सीएम शिबू सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
नेमरा में गूंजा ‘दिशोम गुरु अमर रहें’ का स्वर
नेमरा, रामगढ़: रविवार को झारखंड के राजनीतिक इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय के नायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल उनके पैतृक गांव नेमरा (बरलंगा प्रखंड, रामगढ़ जिला) पहुंचे। गांव में प्रवेश करते ही वातावरण गमगीन था, लेकिन लोगों के दिलों में दिशोम गुरु की यादें और संघर्ष की कहानियां गूंज रही थीं।
सीएम हेमंत सोरेन और परिजनों से मुलाकात
सांसद मनीष जायसवाल ने इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा —
“शिबू सोरेन जी न केवल झारखंड के बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा हैं। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और जनसेवा से भरा हुआ था। आदिवासी समाज, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग की आवाज को उन्होंने हमेशा बुलंद किया।”
जनसेवा और संघर्ष की मिसाल
मनीष जायसवाल ने याद दिलाया कि दिशोम गुरु ने झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने शोषण, नशाखोरी और महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन चलाकर हजारों परिवारों का जीवन बदला।
उन्होंने कहा कि ऐसे महानायक का जाना न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
स्थानीय नेताओं की उपस्थिति और भावनाएं
श्रद्धांजलि सभा में भाजपा, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस अवसर पर राजीव जायसवाल (रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि), विजय जायसवाल (भाजपा जिला महामंत्री), रंजन चौधरी (हजारीबाग सांसद मीडिया प्रतिनिधि), धनंजय कुमार पुटूस (रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र सांसद मीडिया प्रतिनिधि), भाजपा नेता छोटन सिंह, बबलू साव (गोला मंडल अध्यक्ष), वरिष्ठ नेता मनोज महतो, मंशू वेदिया (बरलंगा मंडल सांसद प्रतिनिधि), बबली सिंह, के.बी. सहाय, ललन कुशवाहा, सूरज वर्मा, संतोष कुशवाहा, बासुदेव, सुधीर महतो और कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इन सभी ने सामूहिक रूप से दिवंगत नेता को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके विचारों को आगे ले जाने का संकल्प लिया।
दिशोम गुरु की विरासत को संजोने का संकल्प
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि दिशोम गुरु की शिक्षाएं और विचार हमेशा मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि झारखंड की जनता उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी इस मौके पर कहा कि वे दिशोम गुरु द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलते रहेंगे।






