पुरी रथ यात्रा भगदड़ कांड: ओडिशा सरकार की सख्त कार्रवाई, दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित, मृतकों के परिजनों को 25 लाख मुआवजा
रथ यात्रा में भगदड़पुरी, ओडिशा, 29 जून 2025: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। श्रद्धालुओं की मौत और प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ओडिशा सरकार ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मामले की समीक्षा के बाद पुरी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को उनके पदों से हटाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक फेरबदल और निलंबन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ एस स्वैन और एसपी कानन एस को स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में डीसीपी विष्णुपति और कमांडेंट अजय पाधी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
नए जिला कलेक्टर के रूप में चंचल राणा और नए एसपी के रूप में पिनाक मिश्रा को नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने जताया खेद, घोषित किया मुआवजा
घटना को लेकर संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री मोहन माझी ने कहा,
“हम महाप्रभु जगन्नाथ के हर श्रद्धालु से क्षमा मांगते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आस्था के इस महापर्व पर कुछ भक्तों ने अपनी जान गंवाई। राज्य सरकार उनके परिवारों के साथ खड़ी है।”
उन्होंने प्रत्येक मृतक श्रद्धालु के परिवार को ₹25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विस्तृत जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी घटना की प्रशासनिक जांच विकास आयुक्त की निगरानी में की जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रथ यात्रा में सुरक्षा पर उठे सवाल
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भाग लेने पुरी पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार की भगदड़ ने सुरक्षा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने प्रशासनिक चूक को लेकर सरकार की आलोचना की है, जबकि सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की मांग की है।








