रांची में शराब माफिया नरेश सिंघानिया गिरफ्तार, भारी मात्रा में नकली शराब बरामद
नामकुम में उत्पाद विभाग की छापेमारी, स्प्रिट और नकली शराब बनाने का सामान जब्त
रांची: राजधानी रांची में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विभाग की टीम ने नामकुम क्षेत्र में छापेमारी कर कुख्यात शराब माफिया नरेश सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है।इस कार्रवाई के दौरान उसके ठिकानों से भारी मात्रा में नकली और अवैध शराब बरामद की गई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
छापेमारी में भारी मात्रा में शराब बरामद
उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार नकली शराब, स्प्रिट और अन्य रसायन बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल अवैध शराब बनाने में किया जाता था। इसके अलावा शराब की पैकेजिंग और सप्लाई से जुड़े कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
जहरीली शराब कांड से जुड़ा रहा है नाम
नरेश सिंघानिया का नाम पहले भी अवैध शराब के बड़े मामलों में सामने आ चुका है। बताया जाता है कि वर्ष 2017 में रांची में जहरीली शराब कांड में उसका नाम जुड़ा था, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे।
पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
इस मामले के बाद नरेश सिंघानिया लंबे समय तक फरार रहा था। बाद में वर्ष 2021 में उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अवैध शराब का कारोबार शुरू कर दिया।
पुराना नेटवर्क फिर सक्रिय
पुलिस और उत्पाद विभाग के अनुसार, सिंघानिया अपने भाइयों के साथ मिलकर लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। उसका नेटवर्क काफी मजबूत माना जाता है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में नकली शराब की सप्लाई करता था।
जांच में जुटा विभाग
गिरफ्तारी के बाद उत्पाद विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब के नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंचने की उम्मीद है। रांची में नरेश सिंघानिया की गिरफ्तारी को अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई न सिर्फ अपराध पर लगाम लगाने में मदद करेगी, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त संदेश भी देगी।








