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कक्षा 9 से बदल गए CBSE के नियम, 2027 बोर्ड परीक्षा में छात्रों को रखना होगा खास ध्यान

CBSE New Rules 2027

कला, खेल और व्यावसायिक शिक्षा होगी जरूरी

मुनादी लाइव: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 9 से लेकर 10वीं बोर्ड परीक्षा तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. रविप्रकाश तिवारी ने इन नए नियमों की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि 2027 में होने वाली CBSE बोर्ड परीक्षा पहले की तुलना में काफी अलग होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों दोनों को अभी से इन नियमों को गंभीरता से समझने की जरूरत है।

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अब अलग-अलग पास होना होगा अनिवार्य
सबसे बड़ा बदलाव पासिंग क्राइटेरिया में किया गया है। अब केवल कुल 33% अंक लाना पर्याप्त नहीं होगा। छात्रों को थ्योरी (बाहरी परीक्षा) में अलग से न्यूनतम 33% और इंटरनल असेसमेंट/प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट में भी अलग से 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी विषय की थ्योरी परीक्षा 80 अंकों की है, तो छात्र को कम से कम 27 अंक लाने होंगे। वहीं 20 अंकों के इंटरनल असेसमेंट में कम से कम 7 अंक जरूरी होंगे।

2027 बोर्ड परीक्षा के छात्रों पर होगा लागू
ये नए नियम मुख्य रूप से उन छात्रों पर लागू होंगे जो 2025-26 सत्र में कक्षा 9 में प्रवेश लेंगे या 2026-27 सत्र में कक्षा 9 में पढ़ाई शुरू करेंगे। ऐसे छात्र 2027 या 2028 में बोर्ड परीक्षा देंगे।

तीन-भाषा नीति का चरणबद्ध लागू होना
नई शिक्षा नीति के तहत CBSE अब तीन-भाषा नीति को भी धीरे-धीरे लागू कर रहा है। 2026-27 सत्र से इसकी शुरुआत कक्षा 6 से होगी और 2030-31 तक इसका पूर्ण कार्यान्वयन किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार छात्रों को अपनी भाषा विषयों में कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना होगा।

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प्रश्नपत्र का पैटर्न भी बदलेगा
CBSE अब रटने वाली पढ़ाई के बजाय समझ और विश्लेषण आधारित शिक्षा पर जोर दे रहा है। इसी कारण प्रश्नपत्र की संरचना में बड़ा बदलाव किया गया है। 2026-27 के पाठ्यक्रम के अनुसार:

  • 50% प्रश्न योग्यता आधारित (Competency Based) होंगे
  • 30% प्रश्न लघु एवं दीर्घ उत्तरीय होंगे
  • 20% प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होंगे।
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इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों की सोचने, समझने और समस्या समाधान क्षमता को विकसित करना है।

AI और नए विषयों पर जोर
CBSE अब आधुनिक तकनीकी विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए विषयों को महत्व दिया जा रहा है। इसके साथ डिजिटल शिक्षा, कोडिंग और व्यावसायिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कला, खेल और व्यावसायिक शिक्षा होगी जरूरी
नई व्यवस्था में केवल किताबों की पढ़ाई ही महत्वपूर्ण नहीं होगी। अब कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य, और व्यावसायिक शिक्षा को भी आंतरिक मूल्यांकन के लिए अनिवार्य बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों का समग्र विकास करना है।

गणित और विज्ञान में दो स्तरीय परीक्षा पर विचार
CBSE गणित और विज्ञान विषयों में दो स्तर की परीक्षा प्रणाली लागू करने पर भी विचार कर रहा है। इससे छात्रों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार स्तर चुनने का विकल्प मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम होगा और वैचारिक समझ बेहतर बनेगी।

व्यावसायिक विषयों की बढ़ेगी अहमियत
2027-28 सत्र से व्यावसायिक विषयों को पूरी तरह परीक्षा योग्य बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल अकादमिक नहीं बल्कि रोजगार और कौशल आधारित शिक्षा की ओर भी तैयार करना है।

अभिभावकों और छात्रों के लिए क्या जरूरी?
डॉ. रविप्रकाश तिवारी के अनुसार अब छात्रों को केवल परीक्षा पास करने के लिए पढ़ाई नहीं करनी होगी, बल्कि अवधारणाओं को समझना भी जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई, प्रोजेक्ट कार्य, इंटरनल असेसमेंट, और व्यवहारिक ज्ञान अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएंगे।

शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि CBSE का यह नया मॉडल नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करना है। अब शिक्षा केवल अंक आधारित नहीं बल्कि कौशल, विश्लेषण और रचनात्मकता आधारित होती जा रही है।

CBSE के नए नियम छात्रों के लिए चुनौती के साथ-साथ अवसर भी लेकर आए हैं। अब बोर्ड परीक्षा में सफलता के लिए केवल अंतिम समय की तैयारी नहीं, बल्कि पूरे वर्ष लगातार मेहनत और समझ आधारित अध्ययन जरूरी होगा। विशेष रूप से 2027 बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को अभी से इन बदलावों को समझकर अपनी तैयारी की रणनीति बदलनी होगी।

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