65 साल पुराना इनकम टैक्स कानून खत्म! अब AI बताएगा कितना टैक्स देना है, सरकार ने लॉन्च किया ‘कर साथी’
टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव
मुनादी लाइव : देश की टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने 65 साल पुराने इनकम टैक्स कानून को खत्म कर नया AI आधारित टैक्स सहायता सिस्टम ‘कर साथी’ लॉन्च किया है। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से टैक्स प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा आसान, पारदर्शी और तेज हो जाएगी। Income Tax Department द्वारा लॉन्च किया गया ‘कर साथी’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो टैक्सपेयर्स को टैक्स कैलकुलेशन, रिटर्न फाइलिंग और टैक्स संबंधित सवालों में सहायता देगा।
अब AI करेगा टैक्स कैलकुलेशन
सरकार के अनुसार ‘कर साथी’ सिस्टम टैक्सपेयर्स की आय, निवेश और अन्य वित्तीय जानकारी के आधार पर यह सुझाव देगा कि कितना टैक्स देना है। इससे टैक्स कैलकुलेशन की जटिल प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। AI आधारित यह सिस्टम टैक्स बचत के विकल्प, डिडक्शन और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी देगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे टैक्सपेयर्स को बार-बार विशेषज्ञों के पास जाने की जरूरत कम होगी।
पुराने कानून की जगह नई व्यवस्था
करीब 65 साल पुराने इनकम टैक्स कानून को हटाकर सरकार ने नई डिजिटल टैक्स व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकार का कहना है कि पुरानी व्यवस्था काफी जटिल हो चुकी थी और बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुसार उसमें सुधार जरूरी था। नई व्यवस्था में टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और AI के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया है ताकि टैक्स प्रक्रिया को ज्यादा स्मार्ट और यूजर फ्रेंडली बनाया जा सके।
टैक्सपेयर्स को क्या होगा फायदा?
सरकार के मुताबिक ‘कर साथी’ लॉन्च होने से टैक्सपेयर्स को कई फायदे मिलेंगे:
- टैक्स कैलकुलेशन आसान होगा
- रिटर्न फाइलिंग में कम समय लगेगा
- AI की मदद से तुरंत जानकारी मिलेगी
- टैक्स संबंधित गलतियों में कमी आएगी
- पारदर्शिता बढ़ेगी और विवाद कम होंगे
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित टैक्स सिस्टम भविष्य में टैक्स प्रशासन की तस्वीर बदल सकता है।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर भी जोर
सरकार ने कहा है कि नए सिस्टम में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया है। टैक्सपेयर्स की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक साइबर सुरक्षा तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने AI आधारित सिस्टम में डेटा प्राइवेसी और तकनीकी गड़बड़ी को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि सिस्टम को पूरी तरह भरोसेमंद बनाने के लिए मजबूत निगरानी जरूरी होगी।
डिजिटल इंडिया अभियान को मिलेगा बल
सरकार का कहना है कि ‘कर साथी’ डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में टैक्स विभाग में और भी AI आधारित सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। फिलहाल इस नई व्यवस्था को लेकर टैक्सपेयर्स और वित्तीय विशेषज्ञों के बीच काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि यह बदलाव भारत की टैक्स प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।






