बच्चियों का अश्लील वीडियो बनाकर ऑनलाइन बेचता था गिरोह, CID ने गिरिडीह से दो को दबोचा
देर रात CID की बड़ी छापेमारी
गिरिडीह : Criminal Investigation Department Jharkhand (CID) की विशेष टीम ने गुरुवार देर रात गिरिडीह में बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर ऑनलाइन बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के कोलडीहा इलाके में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हसन राजा और मो मोहब अंसारी के रूप में हुई है। कार्रवाई डीएसपी Archana Smriti Khalko के नेतृत्व में देर रात करीब दो बजे की गई।
घर से गिरफ्तार कर रांची ले गई टीम
CID टीम ने दोनों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद दोनों को पूछताछ के लिए रांची ले जाया गया है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप सही पाए गए हैं। दोनों के खिलाफ IT एक्ट और Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पांच से दस हजार रुपये में बेचते थे वीडियो
सूत्रों के अनुसार यह संगठित गिरोह नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ऑनलाइन बेचता था। बताया जा रहा है कि एक वीडियो की कीमत पांच हजार से लेकर दस हजार रुपये तक ली जाती थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा वीडियो किन-किन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेचे जा रहे थे।
हैदराबाद पुलिस से मिला था इनपुट
मामले का खुलासा तब हुआ जब Hyderabad Police Cyber Cell के हाथ एक नाबालिग लड़की का आपत्तिजनक वीडियो लगा। साइबर सेल ने तकनीकी जांच के दौरान वीडियो के स्रोत का पता लगाया, जिसमें झारखंड से लिंक सामने आया। इसके बाद हैदराबाद पुलिस ने मामला रांची CID को ट्रांसफर कर दिया।
तकनीकी जांच में सामने आई संलिप्तता
रांची CID ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी और डिजिटल जांच शुरू की। एक अधिकारी के आवेदन पर IT एक्ट और POCSO एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान गिरिडीह जिले के दो युवकों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद ठोस सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
नेटवर्क की जांच में जुटी CID
CID अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, कितनी लड़कियां इसका शिकार हुईं और वीडियो किस माध्यम से वायरल किए गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।





