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ईंधन संकट की आहट: शहर से गांव तक पेट्रोल पंपों पर कटौती, लोगों में बढ़ी चिंता

Fuel Crisis

रांची समेत कई जिलों में दिखने लगे ईंधन संकट के संकेत

रांची: झारखंड की राजधानी रांची सहित कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की समस्या अब धीरे-धीरे गंभीर होती नजर आ रही है। ग्रामीण इलाकों के बाद अब शहर के पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन संकट के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं। कई पेट्रोल पंपों पर “नो स्टॉक” के बोर्ड लगाए गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर फुल टैंक ईंधन देने पर रोक लगा दी गई है।

शहर के अलग-अलग इलाकों में पेट्रोल-डीजल की सीमित आपूर्ति को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। कई वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर पहुंचने के बाद निराश लौटते दिखाई दिए। कुछ पंपों पर दोपहिया वाहनों को सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि चारपहिया वाहनों के लिए साफ तौर पर फुल टैंक सुविधा बंद कर दी गई है।

कई पेट्रोल पंपों पर लगा “नो स्टॉक” बोर्ड
ईटीवी भारत की टीम ने जब शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों का जायजा लिया तो कई जगहों पर स्थिति चिंताजनक दिखाई दी। कुछ पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद मिले, जबकि कई पंपों पर “पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं है” के नोटिस बोर्ड लगे थे। एक पेट्रोल पंप संचालक प्रशांत बिंद्रा ने बताया कि फिलहाल उनके यहां स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है और नई सप्लाई का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी थी। उनके अनुसार आपूर्ति में बाधा आने के कारण यह परेशानी खड़ी हुई है।

उन्होंने कहा, “हम लगातार कंपनी के संपर्क में हैं। जैसे ही नई सप्लाई पहुंचेगी, सामान्य तरीके से वितरण शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल ग्राहकों को परेशानी हो रही है, लेकिन स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है।”

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लोगों में बढ़ रहा पैनिक, लंबी कतारें लगनी शुरू
शहर के कई इलाकों में लोगों के बीच पैनिक जैसी स्थिति भी बनने लगी है। लोगों को डर है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते कई लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने की कोशिश कर रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि लगभग हर इलाके में एक जैसी स्थिति बनती जा रही है। कहीं पेट्रोल खत्म है तो कहीं सीमित मात्रा में मिल रहा है। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित होने लगे हैं।

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अंतरराष्ट्रीय तनाव को भी माना जा रहा कारण
कुछ लोगों ने इस संकट को अंतरराष्ट्रीय हालात से भी जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है। इसका प्रभाव भारत की आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अस्थायी हो सकती है और जैसे ही सप्लाई चेन सामान्य होगी, ईंधन संकट भी कम हो जाएगा। लेकिन फिलहाल आम लोगों के बीच चिंता बनी हुई है।

प्रशासन ने कहा- पैनिक होने की जरूरत नहीं
मामले को लेकर प्रशासन भी लगातार निगरानी कर रहा है। रांची के एसडीओ Kumar Rajat ने स्वीकार किया कि पेट्रोल और डीजल आपूर्ति को लेकर कुछ समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों, आउटलेट संचालकों, रिटेलरों और डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है ताकि जल्द समाधान निकाला जा सके। एसडीओ ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कुछ तकनीकी और सप्लाई संबंधी परेशानियां आई हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।”

आम जनजीवन और परिवहन पर असर शुरू
प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद शहर में ईंधन संकट की चर्चा तेज हो गई है। पेट्रोल-डीजल की सीमित उपलब्धता का असर अब आम जनजीवन और परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। लोग अब इस इंतजार में हैं कि कब पेट्रोल पंपों पर स्थिति सामान्य होगी और बिना रोक-टोक ईंधन मिलना शुरू होगा।

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