जनगणना 2027: प्रगणकों के लिए मास्टर गाइड, जानिए हर जरूरी नियम
भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना, ऐप से होगा पूरा काम
नई दिल्ली: भारत में होने वाली जनगणना 2027 इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। पहली बार देश में पूरी तरह डिजिटल जनगणना की जाएगी, जिसमें प्रगणकों (Enumerators) को “Census 2027-HLO” मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र करना होगा। सरकार ने इसके लिए एक विस्तृत मास्टर मैनुअल जारी किया है, जिसमें फील्ड वर्क से लेकर डेटा सबमिशन तक हर प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।
तकनीकी नियम और ऐप सेटअप
डिजिटल जनगणना के लिए प्रगणकों को कुछ तकनीकी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए मोबाइल में Android 11.0 या iOS 15.0 होना जरूरी है। साथ ही कम से कम 4GB RAM और 8GB फ्री स्टोरेज होना चाहिए। सबसे अहम बात यह है कि ऐप में एक बार चुनी गई भाषा को बदला नहीं जा सकता। यदि भाषा बदलनी हो तो ऐप दोबारा इंस्टॉल करने पर भी विकल्प नहीं मिलेगा। इसके अलावा, डेटा की गोपनीयता पर विशेष जोर दिया गया है। एकत्र की गई जानकारी को साझा करना कानूनन अपराध माना जाएगा।
नजरी नक्शा और भवन संख्यांकन का महत्व
जनगणना का लगभग 70% काम सही नक्शा और नंबरिंग पर निर्भर करता है। प्रगणकों को निर्देश दिया गया है कि वे हमेशा ब्लॉक के उत्तर-पश्चिम (North-West) कोने से शुरुआत करें। इसके बाद सर्पाकार (Serpentine) क्रम में घरों की गिनती और नंबरिंग करनी होगी। घर की पहचान के लिए अलग-अलग चिन्ह निर्धारित किए गए हैं—
- पक्का घर: चौकोर (□)
- कच्चा घर: त्रिभुज (△)
- गैर-आवासीय: X
हर भवन पर मार्कर से नंबर लिखना होगा, जैसे 1(3) यानी मकान संख्या और जनगणना संख्या।
डेटा एंट्री में इन बातों का रखें ध्यान
डेटा एंट्री के दौरान Q1 से Q16 तक के सवाल बेहद महत्वपूर्ण हैं। पहचान से जुड़े सवालों में लाइन नंबर ऑटो-जनरेट होगा, जबकि पिछले घर के लिए “Repeat” विकल्प का उपयोग किया जा सकता है। निर्माण सामग्री दर्ज करते समय “बहुमत का नियम” अपनाना होगा, यानी मुख्य संरचना के आधार पर जानकारी देनी होगी, न कि पेंट या सजावट के आधार पर। सबसे अहम सवाल Q7 है, जिसमें घर का उपयोग दर्ज करना होता है। यदि घर बंद है, तो उसे खाली न छोड़ें, बल्कि “आवासीय” चुनकर “Locked” विकल्प टिक करें।
परिवार और आवास से जुड़े नियम
परिवार के डेटा में केवल स्थायी सदस्यों को ही गिना जाएगा। घर के मुखिया की पहचान वह व्यक्ति होगा जो निर्णय लेता है, न कि जरूरी तौर पर सबसे बड़ा सदस्य। हॉस्टल या संस्थागत भवनों में मुखिया के स्थान पर पद (Designation) लिखना होगा। कमरों की संख्या गिनते समय रसोई और बाथरूम को शामिल नहीं किया जाएगा।
सुविधाओं और संसाधनों का विवरण
Q17 से Q34 तक के सवाल घर की सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 मीटर तक पानी का स्रोत “पास” माना जाएगा। शौचालय के प्रकार को सही तरीके से कोड करना जरूरी है, चाहे वह सीवर से जुड़ा हो, टैंक हो या खुली नाली। ईंधन के मामले में यदि LPG होने के बावजूद लकड़ी का इस्तेमाल ज्यादा होता है, तो मुख्य ईंधन “लकड़ी” ही दर्ज करना होगा। टीवी, मोबाइल, वाहन जैसी संपत्तियों की जानकारी भी दर्ज करनी होगी, चाहे उनका उपयोग व्यवसायिक ही क्यों न हो।
डेटा सिंक और सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियम
डेटा एंट्री के बाद उसे नियमित रूप से सिंक करना बेहद जरूरी है। निर्देश है कि हर 5-6 घरों के बाद डेटा सिंक कर लिया जाए, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या में डेटा सुरक्षित रहे। यदि डेटा एक बार सिंक हो गया, तो उसमें सुधार करने के लिए पूरा फॉर्म दोबारा भरना होगा। सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी यह है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान मोबाइल फोन नहीं बदलना चाहिए, अन्यथा अनसिंक डेटा हमेशा के लिए नष्ट हो सकता है।
जनगणना 2027 भारत के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव साबित होने जा रही है। इसमें प्रगणकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वही इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ हैं। सही प्रशिक्षण, तकनीकी समझ और सावधानी के साथ यह जनगणना न केवल सटीक आंकड़े देगी, बल्कि देश की योजनाओं को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी।






