विजय की सरकार बनने पर अब भी पेंच!
TVK को 116 विधायकों का समर्थन, बहुमत से 2 कम; आज होने वाली शपथ कैंसिल
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी खत्म नहीं हुआ है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय की सरकार बनने की राह में अब भी अड़चन बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक TVK को फिलहाल 116 विधायकों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का जादुई आंकड़ा जरूरी है। ऐसे में पार्टी अब भी बहुमत से दो सीट पीछे चल रही है। इसी वजह से आज प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह को फिलहाल टाल दिया गया है।
बहुमत के लिए जारी जोड़-तोड़
विधानसभा चुनाव में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन से पार्टी का आंकड़ा 116 तक पहुंचा। हालांकि बहुमत साबित करने के लिए अभी भी दो और विधायकों की जरूरत है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि TVK लगातार छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों से संपर्क बनाए हुए है ताकि जल्द बहुमत का आंकड़ा पूरा किया जा सके।
शपथ ग्रहण समारोह टला
पहले खबरें थीं कि विजय आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं और चेन्नई में इसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। लेकिन बहुमत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण शपथ ग्रहण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि जब तक समर्थन का आंकड़ा 118 तक नहीं पहुंचता, तब तक राजभवन की ओर से सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में सावधानी बरती जाएगी।
कांग्रेस ने दिया समर्थन, फिर भी संकट बरकरार
कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके बावजूद बहुमत का गणित पूरी तरह विजय के पक्ष में नहीं बैठ पा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले 24 घंटे तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
विपक्ष भी सक्रिय
दूसरी ओर विपक्षी दल भी सरकार गठन की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ दलों की ओर से विधायकों को अपने पाले में रखने की कोशिशें तेज हो गई हैं।ऐसे में राज्य की राजनीति में सियासी उठापटक और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विजय के सामने सबसे बड़ी परीक्षा
फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है। चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उन्हें साबित करना होगा कि वे स्थिर सरकार बनाने में भी सक्षम हैं। फिलहाल तमिलनाडु की जनता और राजनीतिक दलों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या विजय बहुमत का आंकड़ा जुटाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे या फिर राज्य में राजनीतिक समीकरण एक बार फिर बदलेंगे।





