केंद्रीय मंत्री के बेटे पर नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज
फार्महाउस में शराब पिलाकर दुष्कर्म का आरोप
हैदराबाद: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भगीरथ के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं। नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर भगीरथ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि फार्महाउस में शराब पिलाकर नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया गया।
पीड़िता की मां ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायत में पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि बंदी साई भगीरथ ने उनकी बेटी को एक फार्महाउस में बुलाया और वहां शराब पिलाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने POCSO एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब पीड़िता और आरोपी दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है तथा घटनास्थल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
आरोपी पक्ष ने लगाया “हनी ट्रैप” का आरोप
दूसरी ओर बंदी साई भगीरथ ने भी पलटवार करते हुए लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उन्हें “हनी ट्रैप” में फंसाने और जबरन वसूली की कोशिश की गई। आरोपी पक्ष का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीतिक और आर्थिक दबाव बनाने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
मामला केंद्रीय मंत्री के परिवार से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार और भाजपा पर सवाल उठा सकते हैं, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है।
- जांच एजेंसियां
- मेडिकल रिपोर्ट
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
- कॉल डिटेल
- और फार्महाउस से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
POCSO मामलों में सख्त कानून
विशेषज्ञों के अनुसार POCSO एक्ट बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया एक बेहद सख्त कानून है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो दोषी को कठोर सजा का प्रावधान है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपी को दोषी नहीं माना जाता।
सोशल मीडिया पर तेज बहस
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक विवाद का हिस्सा बता रहे हैं। केंद्रीय मंत्री के बेटे पर लगे गंभीर आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अब यह मामला पूरी तरह जांच एजेंसियों और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होती है।






