यूपी में सियासी हलचल तेज
योगी कैबिनेट का विस्तार, 8 मंत्रियों ने ली शपथ; वाराणसी में बुलडोजर एक्शन जारी
लखनऊ: 10 मई का दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में चार कैबिनेट मंत्रियों और चार राज्य मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।इसके साथ ही प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
8 नए मंत्रियों ने संभाली जिम्मेदारी
मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दी। सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया है। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है। भाजपा संगठन लंबे समय से सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश में जुटा था। ऐसे में नए चेहरों को शामिल कर पार्टी ने कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक समूहों को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
वाराणसी में दूसरे दिन भी बुलडोजर एक्शन
इधर, वाराणसी के दाल मंडी इलाके में प्रशासन का बुलडोजर अभियान दूसरे दिन भी जारी रहेगा। अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए निर्माणों को हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मंत्रिमंडल विस्तार और वाराणसी में बुलडोजर कार्रवाई को देखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लखनऊ और वाराणसी दोनों जगह पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आए। दाल मंडी इलाके में ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से निगरानी की जा रही है।
भाजपा की नजर 2027 मिशन पर
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब पूरी तरह 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। मंत्रिमंडल विस्तार और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए पार्टी अपने कोर वोटबैंक के साथ-साथ नए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कर रही है।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए मंत्री सरकार की योजनाओं को जमीन पर कितना प्रभावी ढंग से लागू कर पाते हैं और चुनावी माहौल पर इसका कितना असर पड़ता है।





