हरमू हॉस्पिटल में निःशुल्क डे केयर सेंटर शुरू, थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों को मिलेगी नई जिंदगी

Lahoo Bolega

“लहू बोलेगा” संगठन की भूमिका बनी मिसाल

रोजाना 10 मरीजों का होगा निःशुल्क इलाज, पीड़ित परिवारों ने जताई राहत

रांची: झारखंड में रक्त विकार से पीड़ित बच्चों और मरीजों के लिए एक ऐतिहासिक और मानवीय पहल की शुरुआत हुई है। हरमू हॉस्पिटल में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया, हीमोफीलिया और ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए निःशुल्क डे केयर सेंटर का शुभारंभ किया गया। यह झारखंड का पहला ऐसा निजी अस्पताल बताया जा रहा है, जिसने रक्त विकार से जूझ रहे मरीजों के लिए पूरी तरह मुफ्त डे केयर सुविधा शुरू की है।

सिविल सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया उद्घाटन
इस डे केयर सेंटर का उद्घाटन रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, हरमू अस्पताल के संस्थापक एवं रिम्स के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सुहास तेतरवे और जेएससीए अध्यक्ष सह पूर्व डिप्टी मेयर अजयनाथ शाहदेव ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्त विकार से पीड़ित बच्चे, उनके परिजन और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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रोजाना 10 मरीजों का होगा निःशुल्क इलाज
इस सेंटर में प्रतिदिन लगभग 10 मरीजों की निःशुल्क देखरेख और इलाज किया जाएगा। सेंटर का संचालन हरमू हॉस्पिटल द्वारा किया जाएगा, जबकि व्यवहारिक देखरेख और मरीजों के समन्वय का कार्य “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन की ओर से किया जाएगा।

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“पीड़ितों के लिए लाइफ लाइन साबित होगा सेंटर”
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने कहा कि यह पहल रक्त विकार से जूझ रहे बच्चों और परिवारों के लिए किसी लाइफ लाइन से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों को लगातार रक्त चढ़ाने और विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में मुफ्त डे केयर सेंटर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

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डॉ. सुहास तेतरवे की पहल की सराहना
कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. सुहास तेतरवे की मानवीय और संवेदनशील सोच की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि रिम्स में अपने कार्यकाल से लेकर अब तक डॉ. तेतरवे हमेशा सामाजिक सरोकारों और जरूरतमंद मरीजों के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। अतिथियों ने कहा कि निजी अस्पताल द्वारा इस तरह की निःशुल्क सुविधा शुरू करना झारखंड में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण है।

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मरीजों और परिजनों की हुई काउंसिलिंग
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों और उनके परिजनों को रक्त विकार से जुड़ी जानकारी और व्यवहारिक सलाह भी दी। डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. वी.के. वर्मा, डॉ. पांडेय आर.बी. प्रसाद और अन्य विशेषज्ञों ने मरीजों को इलाज, सावधानियों और नियमित देखभाल के महत्व के बारे में जानकारी दी।

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“लहू बोलेगा” संगठन की भूमिका बनी मिसाल
लहू बोलेगा रक्तदान संगठन और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन की भूमिका को भी कार्यक्रम में विशेष रूप से सराहा गया। संगठन के संस्थापक नदीम खान और उनकी टीम को रक्त विकार से पीड़ित लोगों की लगातार मदद करने के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कहा गया कि समाज के दर्द को समझकर सेवा करना ही सबसे बड़ी मानवता है और ऐसे संगठन समाज के लिए प्रेरणा हैं।

पीड़ित परिवारों ने जताई राहत
कार्यक्रम में मौजूद कई परिजनों ने कहा कि लगातार इलाज, रक्त की व्यवस्था और अस्पताल खर्च उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में मुफ्त डे केयर सेंटर शुरू होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक राहत मिलेगी।

सम्मान समारोह भी आयोजित
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुहास तेतरवे, डॉ. प्रभात कुमार और अजयनाथ शाहदेव को स्मृति चिन्ह, झारखंडी अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान रक्त विकार पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों के हाथों कराया गया, जिसने पूरे कार्यक्रम को भावुक बना दिया।

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5 सूत्री प्रस्ताव भी पारित
कार्यक्रम में रक्त विकार से पीड़ित मरीजों के हित में पांच सूत्री प्रस्ताव भी पारित किए गए। हालांकि प्रस्तावों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन आयोजकों ने कहा कि इसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर इलाज, रक्त उपलब्धता और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करना है।

रांची के हरमू हॉस्पिटल में शुरू हुआ यह निःशुल्क डे केयर सेंटर झारखंड में स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता का नया उदाहरण बनकर उभरा है। थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और हीमोफीलिया जैसे गंभीर रक्त विकारों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह पहल उम्मीद, राहत और नई जिंदगी का संदेश लेकर आई है।

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