डीएवी नंदराज में त्रिभाषा सीख और सृजनात्मकता का अनूठा संगम, समर कैंप का उत्साहपूर्ण शुभारंभ
हवन, जुंबा, कवि सम्मेलन और आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों से गूंजा विद्यालय परिसर
रांची: DAV Nandraj Public School में 19 मई 2026 को समर कैंप का शुभारंभ अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक हवन और मंत्रोच्चारण के साथ हुई, जिससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। हवन के बाद बच्चों में ऊर्जा और उत्साह भरने के लिए जुंबा गतिविधि का आयोजन किया गया। बच्चों ने पूरे जोश और आनंद के साथ इसमें भाग लिया।
त्रिभाषा सीखने पर विशेष जोर
सीबीएसई की भाषा नीति और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालय में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और मंचीय प्रस्तुति कौशल विकसित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत ओम् की पावन ध्वनि से हुई। इसके बाद कक्षा 3 से 5 तक के नन्हे कवि-कवयित्रियों ने अपनी स्वरचित कविताओं की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बच्चों ने भारतीय संस्कृति, देशभक्ति, प्रकृति, बचपन और नैतिक मूल्यों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। विद्यालय में बच्चों को संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेजी और बांग्ला भाषा का प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे बहुभाषीय शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों में दिखी रचनात्मकता
समर कैंप के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। “वेस्ट आउट ऑफ द बेस्ट”, वीविंग, ओरिगामी और वॉल हैंगिंग जैसी गतिविधियों में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों की कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल और नवाचारपूर्ण सोच ने सभी को प्रभावित किया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को “Learning by Doing” यानी “करके सीखो” की अवधारणा से जोड़ा गया।

प्राचार्य ने बच्चों को दिया संदेश
विद्यालय के प्राचार्य Dr. Ravi Prakash Tiwari ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों को भाषा की महत्ता समझाते हुए पौष्टिक आहार लेने पर भी जोर दिया। प्राचार्य ने कहा कि बच्चों को हरी सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि समर कैंप केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने, सृजन करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच है।

राष्ट्रीय गीत के साथ कार्यक्रम का समापन
विभिन्न रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों से भरपूर यह आयोजन बच्चों के लिए अवकाश को यादगार और सार्थक बनाने का श्रेष्ठ उदाहरण बना। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ।





