CBSE का बड़ा फैसला, अब 9वीं के छात्रों को पढ़नी होंगी 3 भाषाएं

CBSE 3 Language Policy

नई दिल्ली: CBSE ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इस नए नियम के लागू होने के बाद छात्रों को अब अपनी पढ़ाई में कम से कम तीन भाषाओं को शामिल करना होगा, जिनमें दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी बताया जा रहा है।

नई शिक्षा नीति के तहत लागू होगा बदलाव
सीबीएसई द्वारा किया गया यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किया जा रहा है। शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को भारतीय भाषाओं, संस्कृति और बहुभाषी शिक्षा प्रणाली से जोड़ना बताया गया है। सीबीएसई के अनुसार इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

ccl.psd
Cambrian public school
RKDF University
Sarla Birla school

किन छात्रों पर लागू होगा नया नियम?
यह नया नियम मुख्य रूप से उन छात्रों पर लागू होगा जो आगामी शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9 में प्रवेश लेंगे। बताया जा रहा है कि 2026-27 से इस नीति को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा, जबकि आने वाले वर्षों में इसे पूरी तरह लागू करने की तैयारी है।

Vedanta iron steel
dipika pandey sing
15 Aug 2026 poat Ads Ramgarh
रमेश सिंह
Dulari Son

दो भारतीय भाषाएं पढ़ना जरूरी
नई व्यवस्था के तहत छात्रों को अपनी भाषा सूची में कम से कम दो भारतीय भाषाओं का चयन करना होगा। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय भाषाओं और भारतीय भाषाई विविधता को बढ़ावा देना है। हालांकि छात्रों को तीसरी भाषा के चयन में कुछ विकल्प दिए जा सकते हैं।

munadi live whattsapp banne.jpg

CBSE ने क्यों लिया फैसला?
सीबीएसई और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बहुभाषी शिक्षा से छात्रों की समझ, संचार क्षमता और बौद्धिक विकास बेहतर होता है। नई शिक्षा नीति में भी मातृभाषा और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि भारतीय भाषाओं के अध्ययन से छात्र अपनी सांस्कृतिक जड़ों से बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे।

resizone elanza

Telegram channel

छात्रों और अभिभावकों में चर्चा तेज
सीबीएसई के इस फैसले के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ अभिभावकों का कहना है कि इससे छात्रों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव बढ़ सकता है।

स्कूलों को करनी होगी तैयारी
नई भाषा नीति लागू होने के बाद स्कूलों को भी अतिरिक्त शिक्षकों और संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि कई स्कूलों में फिलहाल सीमित भाषा विकल्प उपलब्ध हैं, ऐसे में नई व्यवस्था को लागू करना एक चुनौती भी हो सकता है।

परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव संभव
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा नीति के साथ-साथ भविष्य में परीक्षा पैटर्न और मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सीबीएसई पहले ही योग्यता आधारित प्रश्नों और स्किल आधारित शिक्षा पर जोर बढ़ा चुका है।

नई शिक्षा नीति में भाषा पर विशेष फोकस
National Education Policy के तहत शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, व्यावहारिक और भारतीय परंपरा से जुड़ा बनाने का लक्ष्य रखा गया है। तीन-भाषा फार्मूला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीबीएसई का कक्षा 9 में तीन भाषाएं अनिवार्य करने का फैसला शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत लागू हो रहे इस नियम का उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी और सांस्कृतिक रूप से अधिक समृद्ध बनाना है। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्कूल, छात्र और अभिभावक इस नई व्यवस्था को किस तरह अपनाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *