शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन, झारखंड ने खोया एक संवेदनशील नेता
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधनदिल्ली में ली अंतिम सांस, रांची और घाटशिला में होगा अंतिम संस्कार
रांची/दिल्ली: झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री और झामुमो (JMM) के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन का शुक्रवार की देर रात दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और करीब 2 अगस्त से अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों की लगातार निगरानी और देश-विदेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने अंतिम सांस ली।
रामदास सोरेन के निधन से झारखंड की राजनीति और समाज को गहरा आघात पहुंचा है। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों ने इस क्षति को अपूरणीय बताया है।
16 अगस्त को राजकीय शोक की घोषणा
रामदास सोरेन के निधन से झारखंड में एक दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की गयी है, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग , झारखंड सरकार ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है , राजकीय शोक के दौरान राज्य में झंडे झुके रहेंगे और कोई समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भावुक संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) अकाउंट पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए लिखा –
“ऐसे छोड़ कर नहीं जाना था रामदास दा। अंतिम जोहार दादा।”
सीएम का यह संदेश केवल राजनीतिक रिश्ते को नहीं, बल्कि व्यक्तिगत लगाव को भी दर्शाता है। झामुमो परिवार के लिए रामदास सोरेन का जाना एक युगांतकारी क्षण है।
बेटे ने दी पुष्टि
रामदास सोरेन के निधन की पुष्टि उनके बेटे ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से की। उन्होंने लिखा –
“अत्यंत दुख के साथ सूचित कर रहा हूं कि मेरे पिताजी अब हमारे बीच नहीं रहे।”
इस संदेश के साथ ही पार्टी और समर्थकों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
लंबे समय से थे बीमार
जानकारी के अनुसार, मंत्री रामदास सोरेन को बीते दिनों बाथरूम में फिसलने से गंभीर चोटें लगी थीं। इसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। शुरू में जमशेदपुर के टाटा मोटर्स अस्पताल में इलाज हुआ, फिर उन्हें बेहतर सुविधा के लिए दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया। वहां उन्हें वेंटिलेटर और लाइव सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि सभा
सरकार ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का कार्यक्रम तय किया है। दिल्ली से रांची और फिर जमशेदपुर-घाटशिला तक श्रद्धांजलि यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान राज्य के विभिन्न स्थानों पर लोगों को अंतिम दर्शन का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा:
- सुबह 7:10 बजे – दिल्ली एयरपोर्ट से प्रस्थान
- सुबह 9:15 बजे – बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची आगमन
- सुबह 9:30 बजे – विधानसभा प्रस्थान
- सुबह 9:45 बजे – विधानसभा रांची पहुंचकर स्पीकर और विधायकों द्वारा श्रद्धांजलि सभा
- सुबह 10:30 बजे – विधानसभा से प्रस्थान, रामपुर रिंग रोड, बुंडू, खूंटी, चांडिल होते हुए घाटशिला की ओर यात्रा
- दोपहर 12:30 बजे – HCL मैदान, मऊभंडार, घाटशिला में विधानसभा स्तरीय श्रद्धांजलि सभा
- दोपहर 2:00 बजे – मंत्री आवास घोड़ाबांधा, जमशेदपुर आगमन, ग्रामीणों व अतिथियों द्वारा श्रद्धांजलि
- दोपहर 3:30 बजे – धूमा कॉलोनी पहुंचकर अंतिम दर्शन
- शाम 4:00 बजे – धूमा कॉलोनी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति
रामदास सोरेन झारखंड की राजनीति में एक सरल और संवेदनशील चेहरे के रूप में जाने जाते थे। उनकी पहचान केवल एक नेता के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसे जनप्रतिनिधि की थी, जो हमेशा शिक्षा और सामाजिक विकास को प्राथमिकता देते थे। निधन से झारखंड की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। राज्य के तमाम राजनीतिक दलों ने भी शोक प्रकट करते हुए कहा कि यह झारखंड की जनता के लिए एक बड़ी क्षति है।








