विधि-व्यवस्था और व्यापारिक सुरक्षा के लिए राज्यस्तरीय बैठक, डीजीपी ने तय की पुलिस की जवाबदेही
रांची: राज्य में त्योहारों के मौसम को देखते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय में शनिवार को कानून-व्यवस्था और व्यापारिक सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने की। इसमें सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दीपावली और छठ महापर्व के दौरान राज्य में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल बनाए रखना, अपराध पर अंकुश लगाना और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
डीजीपी ने कहा: व्यापारी समाज अर्थव्यवस्था की रीढ़
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि झारखंड का व्यापारी वर्ग राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यापारिक समुदाय के साथ समन्वय बनाए रखें, उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और अपराध नियंत्रण को सशक्त बनाएं।
डीजीपी ने कहा, “व्यापारी समाज झारखंड की अर्थव्यवस्था का दर्पण है। पुलिस को इनके साथ साझेदारी की भावना से काम करना चाहिए।” उन्होंने बैठक के आयोजन में सहयोग के लिए चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और अन्य पदाधिकारियों का धन्यवाद किया।
सीसीटीवी निगरानी और साइबर सुरक्षा पर फोकस
डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में दुकानों, औद्योगिक परिसरों, मॉल, एटीएम, पोस्ट ऑफिस, बाजार और परिवहन केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे की स्थापना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि “सीसीटीवी कैमरे सिर्फ दुकानों के भीतर ही नहीं बल्कि बाहर की ओर भी लगाए जाएं, ताकि अपराध अनुसंधान में सहायता मिल सके।” डीजीपी ने बैंक प्रबंधकों से भी कहा कि वे इंटरनेट-सक्षम निगरानी कैमरे लगाएं और सुरक्षा सिस्टम को अपग्रेड करें।

व्यवसायी–पुलिस साझेदारी पर जोर
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने व्यापारिक सुरक्षा के लिए कई अहम सुझाव रखे। उन्होंने थाना स्तर पर पुलिस–व्यवसायी समिति की मासिक बैठक आयोजित करने, व्यापारियों को आर्म्स लाइसेंस जारी करने में तेजी लाने, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में रात्रि गश्ती को मजबूत करने और मार्केट एसोसिएशनों को पुलिस पेट्रोलिंग में सहभागी बनाने का आग्रह किया। उन्होंने डिजिटल फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए “बिजनेस साइबर हेल्पडेस्क” की स्थापना की भी मांग की। डीजीपी ने इन सभी सुझावों पर जिलों के एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए।
देवघर में टूरिस्ट-फ्रेंडली पुलिस की जरूरत पर जोर
देवघर जिले के व्यापारियों की शिकायत पर डीजीपी ने कहा कि “देवघर झारखंड की धार्मिक पहचान है, वहां की पुलिस को टूरिस्ट-फ्रेंडली रवैया अपनाना चाहिए।” उन्होंने वहां ‘मे-आई-हेल्प-यू डेस्क’, सीसीटीवी कैमरा अभियान, और हेल्पलाइन नंबरों के प्रचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। डीजीपी ने देवघर में नशाखोरी और असामाजिक तत्वों पर रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
साइबर थाने और रेसिडेंट वेलफेयर सोसायटी का गठन आवश्यक
बैठक में डीजीपी ने सभी जिलों के चैंबर प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में रेसिडेंट वेलफेयर सोसायटी का गठन कराएं, ताकि स्थानीय स्तर पर सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा मिले। साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों से निपटने के लिए सक्रिय साइबर थाने और हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार पर बल दिया।
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने रखी साझेदारी की बात
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि राज्य में सुरक्षित व्यापारिक माहौल तभी बन सकता है जब पुलिस और व्यापारी वर्ग के बीच विश्वास, पारदर्शिता और संवाद की संस्कृति कायम हो। उन्होंने कहा, “चैंबर लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि पुलिस और व्यापारी वर्ग के बीच सहयोग की भावना मजबूत हो, जिससे निवेश और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिले।”

बैठक में मौजूद प्रमुख पदाधिकारी
बैठक में अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया और राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल तथा पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित यह बैठक झारखंड में पुलिस-व्यवसायी साझेदारी को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस पहल से राज्य में कानून व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और व्यापारिक स्थिरता को नई दिशा मिलेगी।








