रामगढ़ मिलिट्री स्टेशन में 33 KVA DVC फीडर लाइन का शुभारंभ, अब मिलेगी निर्बाध बिजली आपूर्ति
रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ मिलिट्री स्टेशन के लिए 13 अक्टूबर 2025 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर साजेश बाबू पी. जी. ने 33 KVA DVC फीडर लाइन का विधिवत उद्घाटन किया। करीब ₹9.37 करोड़ की लागत से बनी यह महत्वपूर्ण परियोजना अब रामगढ़ मिलिट्री स्टेशन को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
यह फीडर लाइन नईसराय से सीधे रामगढ़ मिलिट्री स्टेशन तक बिजली पहुंचाएगी, जिससे सैनिकों और सैन्य कर्मचारियों के दैनिक कार्य, प्रशासनिक संचालन और आवश्यक उपकरणों के सुचारू संचालन में अब किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मिलेगा बल
रामगढ़ का मिलिट्री स्टेशन झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इस फीडर लाइन के शुरू होने से न केवल सैनिकों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य आधारभूत ढांचे को भी और अधिक सशक्त बनाएगा।
पूर्व में स्टेशन को अक्सर वोल्टेज की कमी और अस्थिर बिजली आपूर्ति की समस्या का सामना करना पड़ता था, जिससे कई बार प्रशासनिक और तकनीकी कार्य प्रभावित होते थे। अब इस नई लाइन से इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान मिल गया है।

मुख्यमंत्री की सक्रिय भूमिका से तेजी से पूरा हुआ कार्य
इस परियोजना को तेज़ी से पूरा करने में झारखंड के मुख्यमंत्री की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री ने न केवल परियोजना के लिए आवश्यक मंज़ूरियाँ दिलाने में सक्रिय सहयोग दिया, बल्कि रक्षा विभाग, DVC (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) और राज्य बिजली विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी में कार्य होने के कारण परियोजना समय से पहले पूरी की गई और इसका लाभ अब हजारों सैन्यकर्मियों एवं उनके परिवारों को मिलने लगा है।
तकनीकी समन्वय से दूर हुई चुनौतियाँ
इस परियोजना के दौरान कई तकनीकी अड़चनें सामने आईं — जैसे ट्रांसमिशन लाइन का मार्ग निर्धारण, हाई वोल्टेज जोन में कार्य और सुरक्षा मानकों का पालन। लेकिन रक्षा विभाग, DVC और राज्य सरकार के बीच लगातार संवाद और सहयोग से इन सभी चुनौतियों का समाधान संभव हुआ।
विशेषज्ञों की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि लाइन बिछाने का कार्य सभी सैन्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरा हो, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी की संभावना न रहे।

सैनिकों और परिवारों को मिला स्थायी लाभ
इस नई बिजली आपूर्ति व्यवस्था से अब न केवल प्रशासनिक इमारतें और प्रशिक्षण केंद्र, बल्कि सैनिक आवासीय परिसरों में भी निर्बाध बिजली उपलब्ध रहेगी। इससे सैनिकों के परिवारों को राहत मिलेगी और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और संचार सुविधाओं में भी बड़ा सुधार आएगा।

ब्रिगेडियर साजेश बाबू पी. जी. ने उद्घाटन के दौरान कहा —
“यह परियोजना सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। अब रामगढ़ मिलिट्री स्टेशन में किसी भी कार्य में बिजली की कमी बाधा नहीं बनेगी।”
राज्य के विकास और केंद्र-राज्य समन्वय का उदाहरण
रामगढ़ में 33 KVA DVC फीडर लाइन का शुभारंभ झारखंड के विकास पथ पर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना राज्य सरकार और केंद्र के रक्षा विभाग के बीच तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे यह संदेश जाता है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और तकनीकी क्षमता एकजुट हो, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
रामगढ़ कैंट क्षेत्र अब झारखंड के उन इलाकों में शामिल हो गया है, जहां 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। यह न केवल सैन्य बलों के लिए बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और नागरिकों के लिए भी ऊर्जा सुरक्षा का प्रतीक बन गया है।

रामगढ़ मिलिट्री स्टेशन में 33 KVA DVC फीडर लाइन का शुभारंभ राष्ट्रीय सुरक्षा, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-सैन्य समन्वय की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना झारखंड में सैन्य बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की नई शुरुआत है और आने वाले समय में राज्य के अन्य सैन्य ठिकानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।








