चोरी की नाकाम कोशिश से मचा हड़कंप, स्कूल रिकॉर्ड को नुकसान
हिरणपुर ,पाकुड़ : झारखंड के पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड के हाथकाठी स्थित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार की रात चोरी की एक असफल कोशिश से इलाके में सनसनी फैल गई। अज्ञात चोरों ने विद्यालय में प्रवेश कर दस्तावेजों में तोड़फोड़ की, जिसके बाद बुधवार सुबह जब शिक्षक पहुंचे तो पूरा कार्यालय अस्त-व्यस्त पड़ा मिला।
प्रधानाध्यापक दीपक कुमार साहा ने इस घटना को लेकर हिरणपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जब बुधवार सुबह वे विद्यालय पहुंचे और ताला खोला, तो पूरा कार्यालय कक्ष बिखरा हुआ था। फाइलें और पंजी इधर-उधर फेंके हुए थे, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ दिए गए थे।
स्कूल की गरिमा को ठेस, दीवारों पर लिखे गए अश्लील शब्द
प्रधानाध्यापक ने बताया कि सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विद्यालय की दीवारों पर अश्लील शब्द लिखे गए थे। इससे न केवल स्कूल की गरिमा को ठेस पहुँची है, बल्कि इस घटना ने शिक्षकों और ग्रामीणों में आक्रोश भी फैला दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चोरी का प्रयास नहीं, बल्कि विद्यालय की सामाजिक और शैक्षणिक मर्यादा पर हमला है।
रहस्यमय ढंग से खुला मिला दरवाजा, ताला था सही-सलामत
दीपक कुमार साहा के अनुसार, मंगलवार को विद्यालय के नियमित समय पर बंद करने के बाद उन्होंने ताला लगाकर घर लौट गए थे। लेकिन बुधवार सुबह जब वे स्कूल पहुंचे, तो देखा कि ताला तो सही-सलामत है, फिर भी दरवाजा खुला हुआ था। इससे यह शक गहरा गया है कि चोरों ने किसी तरह से बिना तोड़े ताला खोलने की तकनीक का इस्तेमाल किया।
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय प्रबंधन ने आशंका जताई है कि यह किसी जानकार व्यक्ति का काम भी हो सकता है, जो परिसर के अंदर-बाहर की स्थिति से परिचित है।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर की जांच-पड़ताल
घटना की जानकारी मिलते ही हिरणपुर थाना के एएसआई सनातन मांझी और अजय पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने पूरे विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया, घटनास्थल की तस्वीरें लीं और प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षकों से पूछताछ की।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि चोर किसी विशेष वस्तु को निशाना बनाने के इरादे से आए थे, लेकिन अपनी योजना में असफल रहे। फिलहाल, पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों में आक्रोश, स्कूल में सुरक्षा बढ़ाने की माँग
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लोगों ने प्रशासन से स्कूल में रात्रिकालीन सुरक्षा की व्यवस्था करने की माँग की। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ महीनों में क्षेत्र में छोटी-मोटी चोरी की घटनाएँ बढ़ी हैं, लेकिन इस बार शिक्षा संस्थान को निशाना बनाना बेहद निंदनीय है।
ग्रामीणों ने इस बात पर चिंता जताई कि विद्यालय में बच्चों के दस्तावेज, पंजी, सरकारी रिकॉर्ड और योजनाओं से संबंधित फाइलें रखी जाती हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएँ न केवल भौतिक नुकसान पहुँचाती हैं बल्कि स्कूल के प्रशासनिक कामकाज को भी प्रभावित करती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने की सुरक्षा उपायों की समीक्षा
प्रधानाध्यापक ने बताया कि घटना के बाद विद्यालय समिति ने बैठक कर निर्णय लिया है कि परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। विद्यालय के दरवाजों और खिड़कियों को मजबूत किया जाएगा और परिसर में सीसीटीवी लगाने की भी योजना बनाई जा रही है।
इसके अलावा, शिक्षकों ने निर्णय लिया कि हर दिन विद्यालय बंद करने से पहले सभी कक्षों की पूरी तरह जांच की जाएगी और रिकॉर्ड को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा।
पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की आश्वासन
हिरणपुर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। जल्द ही दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और सरकारी परिसरों पर निगरानी बढ़ाने के लिए गश्ती दलों को निर्देश जारी किए गए हैं।
हिरणपुर के प्राथमिक विद्यालय में हुई यह चोरी की नाकाम कोशिश भले ही बड़ी वारदात में नहीं बदली, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज की बुनियाद हैं। ऐसे में इन परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना न केवल प्रशासन बल्कि स्थानीय समुदाय की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।








