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जामताड़ा में साइबर ठगों का अड्डा ध्वस्त, पुलिस ने 5 अपराधियों को दबोचा

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जामताड़ा, झारखंड : जामताड़ा जिले की पुलिस ने एक बार फिर साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर अपराधियों की नींद उड़ा दी है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में मिली गुप्त सूचना पर नारायणपुर थाना क्षेत्र के पिपराटांड़ जंगल में चल रहे साइबर अपराध के ठिकाने पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने 5 साइबर अपराधियों को मौके से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान सिराज अंसारी, साहबुद्दीन अंसारी, असलम अंसारी, तौसिब अंसारी और मोहम्मद समीर के रूप में की गई है। पुलिस ने उनके पास से 11 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 4 एटीएम कार्ड, 1 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड और 1 मोटरसाइकिल बरामद की है।

कैसे करते थे ठगी का खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह एक सुनियोजित तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। ये अपराधी बैंक उपभोक्ताओं को कॉल कर क्रेडिट या डेबिट कार्ड बंद होने का झांसा देते थे, जिसके बाद लोगों के मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप (जैसे AnyDesk, QuickSupport आदि) डाउनलोड करवाते थे।

इसके बाद, वे पीड़ितों के मोबाइल से गोपनीय बैंकिंग जानकारी जैसे OTP, कार्ड नंबर और पासवर्ड प्राप्त कर खातों से रकम निकाल लेते थे। ठगी के लिए वे अलग-अलग राज्यों के मोबाइल नंबरों और सिम कार्डों का उपयोग करते थे ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो सके।

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पहले भी रह चुके हैं आरोपी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में से दो के खिलाफ पहले से साइबर ठगी के मामलों में आरोप पत्र दायर किए जा चुके हैं। इनका नेटवर्क झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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एसपी की रणनीति और छापेमारी अभियान
जामताड़ा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने नारायणपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाया। टीम ने जंगल क्षेत्र में गुप्त ठिकाने को घेर लिया और बिना किसी प्रतिरोध के पांचों अपराधियों को धर दबोचा।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और सहयोगियों का भी पता लगाया जा सके।

साइबर अपराध पर पुलिस की सख्त नजर
जामताड़ा जिला वर्षों से साइबर अपराध की राजधानी के रूप में कुख्यात रहा है, लेकिन अब झारखंड पुलिस ने ऐसे अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। लगातार छापेमारी और तकनीकी निगरानी के कारण कई साइबर ठगों का जाल ध्वस्त किया जा चुका है।

एसपी ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे साइबर नेटवर्क को तोड़ना है। इसके लिए तकनीकी सेल, ट्रेसिंग यूनिट और इन्वेस्टिगेशन विंग को और मज़बूत किया गया है।

स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें। साथ ही, अनजान नंबर से आने वाले कॉल या लिंक पर क्लिक न करने की सलाह भी दी गई है।

जामताड़ा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि जनता के लिए भी यह संदेश है कि प्रशासन अब ऐसे मामलों में बेहद सख्त है। यह कदम जिले में साइबर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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