हजारीबाग में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 65 टन अवैध कोयला जब्त
बड़कागांव के गोंदलपुर जोराकाठ में छापेमारी, अवैध कारोबार का खुलासा
हजारीबाग : हजारीबाग जिले में वन विभाग ने अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुर जोराकाठ इलाके में की गई छापेमारी में 65 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। यह कार्रवाई वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
वन विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि बड़कागांव और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयले का कारोबार चल रहा है। इसके बाद विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। जांच में यह खुलासा हुआ कि स्थानीय स्तर पर अवैध खनन कर कोयला फैक्ट्रियों तक भेजा जा रहा था।
संजय और संजू सिंह के नाम पर चल रहा नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, इस अवैध कारोबार के पीछे संजय सिंह और संजू सिंह नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है। हालांकि, कई लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि ये दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं जो अलग-अलग पहचान से कोयले का धंधा चला रहा है। इनके नेटवर्क के जरिए 14 माइल, बेहरा, नानो, लुड़ंगा, नापो और जोड़ा समेत कई इलाकों में कोयले का कारोबार फैलाया गया है।
अवैध कोयले की फैक्ट्रियों तक सप्लाई
जांच में पता चला है कि अवैध रूप से निकाले गए कोयले को हजारीबाग के चितपुरनी स्थित एक फैक्ट्री और रामगढ़ की एक अन्य फैक्ट्री तक पहुंचाया जा रहा था। वहीं, उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को डिहरी मंडी भेजा जाता था ताकि उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा सके।
अंदरूनी मिलीभगत से फल-फूल रहा कारोबार
सूत्रों का कहना है कि जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी इस अवैध कारोबार को रोकने की थी, उनमें से कुछ कोयला माफियाओं के साथ साठगांठ कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग तो इस धंधे में साझेदार तक बन गए हैं, जिससे कार्रवाई पर रोक लगी हुई थी।
पर्यावरण पर बढ़ रहा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से जंगल और जमीन दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है। ट्रकों की आवाजाही और धूल प्रदूषण से गांवों में रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।अब वन विभाग की इस छापेमारी के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि अवैध कोयले के कारोबार पर रोक लगेगी।
वन विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि,
“हमें लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग ने कार्रवाई की है और जांच जारी है। आगे भी इस तरह की छापेमारी होती रहेगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
आने वाले दिनों में और छापेमारियां संभव
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग अब इस नेटवर्क के अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की तैयारी में है। इस अभियान के जरिए विभाग का मकसद है कि अवैध कोयला कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए और इस काले धंधे में शामिल लोगों पर कानूनी शिकंजा कसा जाए।








