युद्ध के बीच चीन की ‘गोल्ड स्ट्रैटेजी’! सोना-चांदी की रिकॉर्ड खरीद, क्या बड़ी साजिश?
16 महीनों से लगातार गोल्ड खरीद, 2026 में चांदी का भी भारी आयात—वैश्विक बाजार में हलचल
मुनादी लाइव : दुनिया जहां युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों में उलझी हुई है, वहीं चीन चुपचाप एक अलग ही रणनीति पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन बीते 16 महीनों से लगातार सोने की रिकॉर्ड खरीदारी कर रहा है। इस बीच अब उसने चांदी के बाजार में भी आक्रामक एंट्री कर ली है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पिछले 16 महीनों में सोने की सबसे ज्यादा खरीदारी की है। दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी गोल्ड रिजर्व रखने वाली अर्थव्यवस्था अब अपने भंडार को और मजबूत करने में जुटी है।
वैश्विक स्तर पर जारी तनाव—खासतौर पर मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष—के कारण जहां तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं चीन इस स्थिति का फायदा उठाते हुए सोने और चांदी के भंडारण पर जोर दे रहा है।
सोने के साथ अब चांदी पर भी फोकस
चीन अब केवल सोने तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘सफेद धातु’ यानी चांदी की खरीद में भी तेजी से जुट गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही चीन ने 790 टन से ज्यादा चांदी का आयात कर लिया है। सिर्फ फरवरी 2026 में ही करीब 470 टन चांदी की खरीदारी की गई, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। खास बात यह है कि चीन हॉन्गकॉन्ग के जरिए बड़े पैमाने पर चांदी खरीद रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है।
क्या है चीन की रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह रणनीति कई स्तरों पर काम कर रही है:
- डॉलर पर निर्भरता कम करना: सोने का भंडार बढ़ाकर चीन अपनी मुद्रा को अधिक स्थिर बनाना चाहता है
- आर्थिक सुरक्षा: युद्ध और संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है
- कम कीमत का फायदा: हाल के समय में सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट का चीन भरपूर फायदा उठा रहा है
- भविष्य की तैयारी: संभावित वैश्विक आर्थिक संकट के लिए चीन पहले से तैयारी कर रहा है
क्या यह सिर्फ निवेश या कोई बड़ी साजिश?
अब बड़ा सवाल यही है—क्या चीन सिर्फ सुरक्षित निवेश कर रहा है या इसके पीछे कोई बड़ी आर्थिक या भू-राजनीतिक रणनीति छिपी है? विशेषज्ञों का मानना है कि चीन लंबे समय से अपने विदेशी मुद्रा भंडार को विविधता देने की कोशिश कर रहा है। सोना और चांदी जैसे धातु इसके लिए सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं। हालांकि, जिस आक्रामक तरीके से खरीदारी हो रही है, उसने दुनिया का ध्यान जरूर खींचा है।
वैश्विक बाजार पर असर
चीन की इस रणनीति का असर अब वैश्विक बाजारों पर भी दिखने लगा है:
- सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- अन्य देशों में भी रिजर्व बढ़ाने की होड़
- निवेशकों के रुझान में बदलाव







