आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी, किया ध्यान मंदिर का उद्घाटन
आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा कार्यों की पीएम ने की सराहना
मुनादी लाइव : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लिया और ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने संगठन द्वारा समाज सेवा, आध्यात्मिक जागरूकता और मानव कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
ध्यान मंदिर का उद्घाटन
समारोह के दौरान पीएम मोदी ने नव निर्मित ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया। यह ध्यान केंद्र आध्यात्मिक साधना, मेडिटेशन और मानसिक शांति के लिए समर्पित बताया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधक, अनुयायी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
“आर्ट ऑफ लिविंग के कार्य प्रेरणादायक”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयास बेहद प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि संगठन ने अपनी विभिन्न सामाजिक पहलों के माध्यम से देश और दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरूकता पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन लोगों को तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन की दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

संगठन को दी बधाई
प्रधानमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े सभी लोगों को 45 वर्ष पूरे होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संगठन की सेवा यात्रा आने वाले समय में भी समाज को नई दिशा देती रहेगी।
वैश्विक स्तर पर सक्रिय है संगठन
श्री श्री रविशंकर द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग आज दुनिया के कई देशों में सक्रिय है। संगठन मेडिटेशन, योग, तनाव मुक्ति, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में काम करता है।
सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय भूमिका
आर्ट ऑफ लिविंग ने समय-समय पर जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, प्राकृतिक खेती, युवाओं के कौशल विकास और आपदा राहत कार्यों में भी सक्रिय योगदान दिया है।

आध्यात्मिक आयोजनों में बढ़ती भागीदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में आध्यात्मिक और वेलनेस आधारित आयोजनों में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। ऐसे कार्यक्रम केवल धार्मिक नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता से भी जुड़े माने जा रहे हैं।
आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी ने इस आयोजन को विशेष महत्व दिया। ध्यान मंदिर के उद्घाटन और संगठन के कार्यों की सराहना के साथ यह संदेश भी सामने आया कि आध्यात्मिकता और समाज सेवा आज के समय में विकास की महत्वपूर्ण धुरी बनती जा रही है।






