होटवार जेल कांड में बड़ा खुलासा! महिला कैदी से यौन शोषण की पुष्टि, गर्भवती होने के दावे से मचा सियासी भूचाल
झालसा जांच कमिटी के सामने पीड़िता ने खोली जेल के अंदर के ‘गंदे खेल’ की परतें, राज्यपाल तक पहुंची न्यायिक जांच की मांग
रांची: Birsa Munda Central Jail में बंद एक महिला कैदी के कथित यौन शोषण मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है। महिला के गर्भवती होने के दावे के बाद मामला और गरमा गया है तथा अब न्यायिक जांच की मांग राज्यपाल तक पहुंच गई है। इसी बीच झालसा के निर्देश पर गठित जांच कमिटी की प्रारंभिक जांच में महिला कैदी के साथ यौन शोषण की पुष्टि होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने जांच कमिटी के सामने जेल के अंदर चल रहे कथित ‘गंदे खेल’ का खुलासा किया है।
झालसा ने लिया था स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए Justice S.N. Prasad ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद झालसा सचिव कुमारी रंजना को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। रांची जिला डालसा सचिव की अध्यक्षता में गठित कमिटी होटवार जेल पहुंची, जहां बंद कमरे में महिला कैदी का बयान रिकॉर्ड किया गया।
जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप
सूत्रों के मुताबिक, महिला कैदी ने जेल अधीक्षक और जेलर पर पद का दुरुपयोग कर यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कमिटी के सामने अपने साथ हुए कथित अत्याचार की पूरी कहानी बताई। बताया जा रहा है कि महिला के बयान से जेल प्रशासन सीधे कठघरे में आ गया है। अब जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में झालसा को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई संभव है।
गर्भवती होने के दावे से बढ़ा विवाद
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने दावा किया कि महिला कैदी गर्भवती हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री Hemant Soren को पत्र लिखकर पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की थी। मरांडी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जेल जैसी सुरक्षित जगह पर महिलाओं के साथ ऐसा होना बेहद गंभीर मामला है।
राज्यपाल तक पहुंची जांच की मांग
मामले के तूल पकड़ने के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी न्यायिक जांच की मांग उठानी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल तक पहुंचाई गई है और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। राजनीतिक हलकों में इसे झारखंड की जेल व्यवस्था पर बड़ा सवाल माना जा रहा है।
मेडिकल रिपोर्ट पर भी उठे सवाल
आरोप सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने महिला कैदी की मेडिकल जांच कराई थी। प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि महिला गर्भवती नहीं है और रिपोर्ट नेगेटिव आई है। हालांकि विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पूरे मामले में लीपापोती की कोशिश की जा रही है।
अब कार्रवाई पर सबकी नजर
झालसा जांच में कथित यौन शोषण की पुष्टि होने की खबर के बाद अब पूरे राज्य की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिक गई है। यदि जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला झारखंड की जेल व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर सकता है।






