टैक्सी और सार्वजनिक वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस व पैनिक बटन अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अदालत सख्त
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्देश जारी करते हुए टैक्सी और सभी सार्वजनिक वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस तथा पैनिक बटन अनिवार्य करने की बात कही है। अदालत के इस फैसले को महिलाओं, बच्चों और आम यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सभी राज्यों को नियम लागू करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और संबंधित परिवहन विभागों को निर्देश दिया है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए। इसके तहत टैक्सी, कैब, बस और अन्य सार्वजनिक वाहनों में GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम और इमरजेंसी पैनिक बटन लगाए जाने अनिवार्य होंगे।
पैनिक बटन से तुरंत मिलेगी मदद
पैनिक बटन ऐसी सुविधा होगी जिसे दबाते ही संबंधित कंट्रोल रूम और सुरक्षा एजेंसियों को वाहन की लोकेशन और खतरे की सूचना तुरंत मिल सकेगी। इससे आपात स्थिति में यात्रियों को तेजी से सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। देर रात यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को इससे अतिरिक्त सुरक्षा और भरोसा मिलेगा।
पहले भी बने थे नियम, लेकिन लागू करने में ढिलाई
देश में सार्वजनिक वाहनों में सुरक्षा उपकरण लगाने को लेकर पहले भी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कई राज्यों में उनका पालन पूरी तरह नहीं हो पाया। अब सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्यों पर इन नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने का दबाव बढ़ेगा।
GPS से हर समय ट्रैक होगी लोकेशन
लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए वाहनों की रियल टाइम लोकेशन मॉनिटर की जा सकेगी। इससे वाहन की गतिविधियों पर नजर रखना, आपात स्थिति में लोकेशन ट्रेस करना और अपराध की जांच में मदद आसान हो जाएगी।
परिवहन विभागों की बढ़ेगी जिम्मेदारी
इस फैसले के बाद राज्य परिवहन विभागों और वाहन संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी व्यावसायिक और सार्वजनिक वाहन तय सुरक्षा मानकों का पालन करें।
नियम उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई
जानकारों के अनुसार यदि कोई वाहन संचालक इन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके तहत परमिट संबंधी कार्रवाई और जुर्माना जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
यात्रियों में बढ़ेगा भरोसा
विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों से सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में लोगों का भरोसा बढ़ेगा। यह कदम सुरक्षित और जवाबदेह परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों, की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।






