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गुरुजी अंतिम जोहार यात्रा को लेकर झामुमो की बैठक, हर गांव-गांव में भव्य आयोजन की तैयारी

जोहार यात्रा

पाकुड़: पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड स्थित सरकारी मवेशी हाट परिसर में शनिवार को झामुमो प्रखंड कमिटी की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष इसहाक अंसारी ने की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अंतिम जोहार यात्रा को लेकर रणनीति तैयार करना था।

हर गांव में भव्य आयोजन की योजना
प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि गुरुजी की स्मृति और योगदान को जीवंत रखने के लिए पार्टी हर गांव-गांव में भव्य अंतिम जोहार यात्रा निकालेगी। यह यात्रा पार्टी की केंद्रीय कमिटी के निर्देशानुसार शुरू की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह यात्रा न केवल श्रद्धांजलि होगी, बल्कि झारखंडी अस्मिता और एकता का प्रतीक भी बनेगी।

बूथ स्तर पर संगठन सशक्त करने पर जोर
बैठक में संगठनात्मक मजबूती पर भी गहन चर्चा हुई। प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बूथ कमिटियों को सशक्त बनाया जाएगा और प्रत्येक बूथ पर एक-एक बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का चयन किया जाएगा। उनका उद्देश्य पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक संगठित करना है।

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साथ ही, पंचायत कमिटी के अध्यक्षों को नियमित बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया, जिसमें ग्रामीणों और आम लोगों की समस्याओं को सूचीबद्ध कर प्रखंड कमिटी को सौंपा जाएगा। इन समस्याओं को आगे विधायक और सांसद के सामने रखकर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

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हेमंत सोरेन की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की अपील
बैठक में उपस्थित जिला संगठन सचिव मुसलोद्दीन अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हर जनकल्याणकारी योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना पार्टी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य को उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह कृतसंकल्प है।

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कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
बैठक में बड़ी संख्या में पंचायत और बूथ स्तर के कार्यकर्ता शामिल हुए। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। उपस्थित लोगों में गुलाम अंसारी, अमित मंडल, मतीन अंसारी, जब्बार अंसारी, लखी साहा, मानिक मरांडी, पगान सोरेन, मीरकासिम समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

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झामुमो की इस बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि गुरुजी की अंतिम जोहार यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता और पहचान की पुनर्पुष्टि का अवसर है। आने वाले दिनों में यह यात्रा राज्यभर के गांवों को जोड़ते हुए गुरुजी की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करेगी।

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