झारखंड में दिखेगा चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर, कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
रांची: चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Maantha) दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में सक्रिय हो चुका है और इसका प्रभाव धीरे-धीरे झारखंड तक पहुंचने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों में राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
चक्रवात ‘मोंथा’ का रुख और प्रभाव
यह चक्रवात वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से से तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में इसका असर ओडिशा और झारखंड तक देखने को मिलेगा। समुद्री हवाएं तेज होंगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
प्रभावित क्षेत्र:
- तमिलनाडु (उप-तटीय जिलों सहित)
- आंध्र प्रदेश तट (विशेषकर मछली पकड़ने वाले इलाकों में)
- ओडिशा (दक्षिण-तटीय जिलों में बारिश का खतरा)
झारखंड में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
26 अक्टूबर:
राज्य के उत्तर-पूर्वी भागों को छोड़कर अन्य हिस्सों में सुबह के समय मध्यम दर्जे का कोहरा छा सकता है। पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। शेष भागों में मौसम शुष्क रहेगा।
27 अक्टूबर:
सुबह कोहरे या धुंध के साथ शुरुआत होगी, दोपहर में आंशिक बादल छाए रहेंगे। पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।
28 और 29 अक्टूबर:
राज्य के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा के आसार हैं। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, चाईबासा, गुमला और लातेहार जिलों में अधिक प्रभाव देखा जा सकता है।
30 और 31 अक्टूबर:
इन दो दिनों में राज्य के कई जिलों में गर्जन के साथ मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है। रांची, धनबाद, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका और साहेबगंज जिलों में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
कृषि और दैनिक जीवन पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्षा रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन लगातार बारिश से खेतों में जलभराव और फसलों के नुकसान की भी आशंका है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें और तेज हवाओं के दौरान खुले में अनाज या फसल न रखें।
आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारी
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। विद्युत विभाग और नगर निगम को भी आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया है ताकि भारी बारिश या तेज हवाओं के दौरान कोई बड़ी दुर्घटना न हो।
मौसम विभाग की चेतावनी
IMD ने चेतावनी दी है कि झारखंड के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में 30 और 31 अक्टूबर को बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे खुले में न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।








