हेमंत सरकार का बड़ा निर्णय: धान का भुगतान अब एकमुश्त, किसानों को मिलेगा MSP के साथ बोनस

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बिचौलियों पर सख्ती, 15 दिसंबर से पहले शुरू होगी खरीद प्रक्रिया

रांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने किसानों के लिए एक बार फिर बड़ा राहत पैकेज जारी किया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि इस वर्ष धान की बिक्री का पूरा भुगतान एकमुश्त किया जाएगा। किसानों को अब किस्तों का महीनों इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा और न ही उन्हें भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने होंगे।

राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड रजत जयंती समारोह के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल 2,369 रुपये MSP के साथ 100 रुपये बोनस देने का निर्णय लिया है। यानी कुल भुगतान 2,469 रुपये प्रति क्विंटल होगा।

बिचौलियों की पकड़ खत्म करने का फैसला
मंत्री इरफान अंसारी ने साफ कहा कि राज्य के किसानों को अब बिचौलियों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।

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उन्होंने कहा—
“सरकार की मंशा स्पष्ट है। किसानों की कमाई सीधे उनके खाते में जाएगी। कोई किस्त नहीं, कोई देरी नहीं—भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।”

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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि धान खरीद केंद्रों पर कड़ाई से निगरानी की जाएगी ताकि दूसरे राज्यों से धान लाने की कोशिश करने वाले बिचौलियों को रोक जा सके।

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धान खरीद प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा
खाद्य आपूर्ति मंत्री ने बताया कि धान खरीद से संबंधित नया प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। अब इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

मंत्रालय के अनुसार—

  • धान खरीद प्रक्रिया 15 दिसंबर से पहले शुरू करने की तैयारी है।
  • जिलों के आपूर्ति पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अवैध निकासी और बाहरी राज्यों से धान की घुसपैठ पर कड़ी कार्रवाई हो।
  • निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

धान कटनी और खरीद का समन्वय तेज
सूत्रों का कहना है कि राज्य में अगले 10–15 दिनों में धान की कटनी पूरी हो जाएगी। ऐसे में सरकार चाहती है कि खरीद और भुगतान की प्रक्रिया बिना देरी के शुरू हो ताकि किसान समय पर अपना भुगतान प्राप्त कर सकें।

सरकार की योजना है कि—

  • किसान को धान बेचते ही उसका भुगतान सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए उसी दिन या अधिकतम 48 घंटे में पहुंच जाए।
  • इससे किसानों को साहूकारों या बिचौलियों के कर्ज में नहीं फंसना पड़ेगा।

किसानों में उत्साह, सरकार को राहत की उम्मीद
इस निर्णय के बाद किसानों में खुशी की लहर है। पिछले वर्षों में भुगतान को लेकर कई शिकायतें सामने आती थीं, जिनमें देरी, कटौती और बिचौलियों का हस्तक्षेप शामिल था। इस बार सरकार ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

सरकार यह भी मान रही है कि समय पर खरीद और तुरंत भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेज़ी आएगी, जिससे राज्य के बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा।

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