मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निरीक्षण: CM हेमंत सोरेन ने कहा—“हर खेत तक पानी पहुंचे, यही सरकार का संकल्प
सिद्धेश्वरी नदी पर बन रही राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं में तेजी, 80% काम पूरा
रानेश्वर (दुमका): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को दुमका जिला अंतर्गत रानेश्वर प्रखंड के मुरगुनी स्थित सिद्धेश्वरी नदी पर निर्माणाधीन मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। यह परियोजना मुख्यमंत्री के उस संकल्प का हिस्सा है जिसमें उन्होंने पूरे राज्य में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर “हर खेत तक पानी” पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक आलोक कुमार सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, और सचिव प्रशांत कुमार भी मौजूद थे। अधिकारियों ने परियोजना की मौजूदा स्थिति और प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री का कड़ा निर्देश—“तय समय सीमा में परियोजना पूर्ण करें”
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि यह परियोजना दुमका और आसपास के क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि—
“मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के शेष कार्यों को अतिशीघ्र पूरा किया जाए। यह योजना सीधे किसानों के जीवन और आजीविका से जुड़ी है। इसे समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।”
इस परियोजना से मसलिया और रानेश्वर प्रखंड की 22,283 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस परियोजना के माध्यम से हजारों किसानों के खेत पहली बार वर्षभर पानी से सिंचित हो सकेंगे।
बहुउपयोगी साबित होगी यह मेगा सिंचाई परियोजना
मुख्यमंत्री ने परियोजना की उपयोगिता को समझाते हुए कहा कि राज्य सरकार इसे केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे बहुउपयोगी बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा—
“सिद्धेश्वरी नदी के जल का हर संभव सदुपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सिंचाई के साथ-साथ बाढ़ के अतिरिक्त जल को तालाबों और जलाशयों में डाइवर्ट करने की योजना पर काम हो रहा है। इससे भविष्य में पानी की कमी नहीं होगी।”
CM ने यह भी कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यहां पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन का जरिया बनेगा।
L&T कंपनी ने बताया—“लगभग 80% कार्य पूरा”
परियोजना का निर्माण कर रही एल एंड टी कंपनी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि—
- परियोजना का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है
- सिद्धेश्वरी नदी पर बन रहा बैराज लगभग तैयार है
- कुल 15 गेटों का 90% काम पूरा
- 3 पंप हाउस में से एक पूर्ण, दो निर्माणाधीन
- 5 डिलीवरी चैंबर में से 3 तैयार
- भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है
कंपनी ने लक्ष्य दिया कि जनवरी 2026 तक 6,400 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

22,283 हेक्टेयर भूमि में पहुंचेगा पानी—226 गांव होंगे लाभान्वित
1,313 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शिलान्यास के साथ शुरू हुई थी। परियोजना के पूरा होने पर—
- मसलिया प्रखंड के 15 पंचायत
- रानेश्वर प्रखंड के 4 पंचायत
- कुल 226 गांव
की 22,283 हेक्टेयर भूमि को भूमिगत पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में से एक है।
“आधुनिक तकनीक अपनाकर सिंचाई नेटवर्क का विस्तार कर रही है सरकार” — CM सोरेन
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा—
“राज्य के किसानों की खेती बारिश पर निर्भर न रहे, इसके लिए आधुनिक तकनीक आधारित सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से अमल में लाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था मजबूत करके कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिले।”
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं और राज्य सरकार उनके लिए जल–सिंचाई पर आधारित दीर्घकालिक समाधान तैयार कर रही है।
परियोजना बनने के बाद बदल जाएगा दुमका का कृषि परिदृश्य
स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी हो जाती है, तो—
- खेती पूरी तरह पानी पर निर्भर नहीं रहेगी
- धान, मक्का, दाल, तिलहन और सब्जियों की फसलें सालभर उगाई जा सकेंगी
- किसानों की आय कई गुना बढ़ेगी
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन बढ़ेगा
दुमका के विकास में नई ऊर्जा भरने वाली परियोजना
मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना एक ऐसी बहुउपयोगी योजना है जो दुमका और आसपास के क्षेत्रों के कृषि और ग्रामीण जीवन को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद यह उम्मीद और मजबूत हुई है कि परियोजना तय समय पर पूरी होकर लाखों किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाएगी।








