मतदान केंद्रों के युक्तिकरण में नोशनल नंबर जरूरी, एक केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं: के रवि कुमार

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जियो-फेंसिंग और मैपिंग प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश

Ranchi : झारखंड में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य तेज़ी से चल रहा है। इस प्रक्रिया के तहत मतदान केंद्रों और उनके क्षेत्र का जियो-फेंसिंग भी कराया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि कई ऐसे नए मकान या ऐसे घर हैं, जिनका कोई आधिकारिक मकान नंबर नहीं है। ऐसे सभी घरों के लिए नोशनल मकान नंबर जारी किए जाएंगे, ताकि संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ को मतदाताओं तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यह निर्देश बुधवार को निर्वाचन सदन से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान दे रहे थे।

मकान संख्या की त्रुटि से मतदाता हो सकते हैं परेशान
के रवि कुमार ने कहा कि यदि मकान संख्या सही तरीके से चिन्हित नहीं होती है, तो एक ही परिवार के मतदाताओं को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर जाना पड़ सकता है। इस तरह की स्थिति को पूरी तरह समाप्त करने के लिए नोशनल नंबर जारी करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के दौरान सभी मकानों को चिन्हित कर उन्हें नोशनल नंबर देते हुए मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित की जाए।

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एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि युक्तिकरण की प्रक्रिया में यह भी ध्यान रखा जाए कि एक मतदान केंद्र के अंतर्गत 1200 से अधिक मतदाता सूचीबद्ध न हों। उन्होंने कहा कि इस मानक के अनुरूप मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया जाए, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रह सके। इससे आगामी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान भी कार्य में आसानी होगी।

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बीएलओ की जानकारी वाले स्टीकर लगाए जाएंगे
मतदाताओं और बीएलओ के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए के रवि कुमार ने निर्देश दिया कि बीएलओ द्वारा घरों पर विशेष स्टीकर लगाए जाएं। इन स्टीकरों पर संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ का नाम, विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर, मकान संख्या या नोशनल मकान संख्या और बीएलओ का फोन नंबर अंकित रहेगा।

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उन्होंने कहा कि इससे मतदाताओं को अपने बीएलओ से संपर्क स्थापित करने में सुविधा होगी और मतदाता संबंधी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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कम मैपिंग वाले क्षेत्रों में वोटर आउटरीच पर जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जहां मतदाताओं की मैपिंग कम है, वहां वोटर आउटरीच प्रोग्राम चलाकर लोगों की सहभागिता बढ़ाई जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एक भी योग्य मतदाता छूटे नहीं।

उन्होंने कहा कि विगत गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची से अधिक से अधिक मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, समावेशी और त्रुटिरहित हो सके।

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