रांची में CBI का ट्रैप: सेना का हवलदार और रिश्तेदार रिश्वत लेते गिरफ्तार
रांची: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेना के एक हवलदार और उसके सहयोगी रिश्तेदार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एक ठेकेदार की शिकायत पर बिछाए गए जाल के तहत की गई।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुकेश कुमार राय (हवलदार) और उसके रिश्तेदार सहयोगी दिनेश कुमार राय के रूप में हुई है। CBI ने दोनों को शनिवार को रांची की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सेनाभूमि पर निर्माण कार्य के बदले मांगी गई थी रिश्वत
CBI के अनुसार, हवलदार मुकेश कुमार राय रांची एयरपोर्ट के पास रक्षा भूमि एनओसी आरएंडओ एफएलटी यूनिट, 56 एपीओ में पदस्थापित है। उस पर आरोप है कि सेना की जमीन पर बन रहे “सुदर्शन अपार्टमेंट” के निर्माण कार्य को पूरा कराने के एवज में उसने ठेकेदार से कुल 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता शिवम उर्फ बिशु (निवासी: सिंहमोड़, हटिया) ने बताया कि पहली किस्त के रूप में 13 जनवरी को 50 हजार रुपये दे दिए गए थे। इसके बाद आरोपी हवलदार ने और रकम देने का दबाव बनाया और दूसरी किस्त के रूप में 30 जनवरी को 50 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई।
CBI ने बिछाया जाल, दूसरी किस्त लेते ही दबोचा
शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामला दर्ज कर ट्रैप बिछाया। जैसे ही मुकेश कुमार राय और उसके सहयोगी दिनेश कुमार राय ने 50 हजार रुपये की दूसरी किस्त ली, CBI की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
इसके बाद आरोपितों के घर पर तलाशी ली गई, जहां से डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। CBI अब इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि सेना से जुड़े मामलों में संगठित रूप से रिश्वत उगाही का नेटवर्क भी सामने आ सकता है।
मामले में आगे और खुलासे की संभावना
CBI अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपितों से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद और नाम सामने आ सकते हैं। इस मामले में प्राथमिकी 30 जनवरी 2026 को दर्ज की गई थी।
भ्रष्टाचार की शिकायत करने की अपील
CBI ने आम लोगों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार के कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों, बीमा कंपनियों, CCL, रेलवे, सेना आदि से जुड़े भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे CBI से करें।






