जमशेदपुर में ऊर्जा विभाग का बड़ा घोटाला उजागर, ₹160 करोड़ की एफडी गायब
रिपोर्ट: बिनोद केसरी, मुनादी LIVE
जमशेदपुर: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने ऊर्जा विभाग से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट कर दावा किया है कि झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग की लगभग ₹160 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) राशि रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है।
सरयू राय के अनुसार, ऊर्जा विभाग ने यह एफडी केनरा बैंक सहित एक अन्य बैंक में जमा कर रखी थी। जब एफडी की परिपक्वता तिथि पूरी होने के बाद विभागीय अधिकारी राशि निकालने बैंक पहुंचे, तो बैंकों ने चौंकाने वाला जवाब दिया। बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके रिकॉर्ड में ऊर्जा विभाग के नाम से कोई एफडी शेष नहीं है।

विधायक सरयू राय ने सवाल उठाया है कि अगर एफडी मौजूद नहीं है, तो यह राशि आखिर निकाली किसने? उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता करार देते हुए सीधे तौर पर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सरयू राय ने ट्वीट के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक सुनियोजित घोटाले की ओर इशारा करता है, जिसमें विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को झारखंड विधानसभा के आगामी सत्र में जोर-शोर से उठाएंगे। उनका कहना है कि जनता के पैसे की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी है और इस तरह की घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा आघात है।
ऊर्जा विभाग की ओर से फिलहाल इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह झारखंड के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा सकता है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या ₹160 करोड़ की गायब एफडी का सच जनता के सामने आ पाएगा।








