Gold Silver Price Today: MCX पर सोना ₹1.5 लाख के नीचे, चांदी में भी भारी गिरावट
New Delhi: नई दिल्ली से आई ताजा कमोडिटी अपडेट के अनुसार, गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजार के कमजोर संकेतों ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया।
खबर लिखे जाने तक Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने का वायदा भाव 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया, जबकि चांदी का भाव लगभग 2.52 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा।
₹1.5 लाख के नीचे आया सोना
MCX पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 1,098 रुपये की गिरावट के साथ 1,51,948 रुपये पर खुला था। पिछला बंद भाव 1,53,046 रुपये था। कारोबार के दौरान गिरावट और तेज हुई और सोना 3,964 रुपये टूटकर 1,49,082 रुपये तक पहुंच गया। दिन के दौरान इसने 1,51,948 रुपये का उच्च स्तर और 1,48,455 रुपये का निचला स्तर छुआ।
गौरतलब है कि पिछले महीने सोना 1,80,779 रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। मौजूदा गिरावट को उस तेज रैली के बाद आई भारी मुनाफावसूली से जोड़कर देखा जा रहा है।
चांदी की चमक भी फीकी
चांदी के वायदा भाव में भी तेज गिरावट देखने को मिली। MCX पर मार्च कॉन्ट्रैक्ट 10,754 रुपये टूटकर 2,58,096 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 2,68,850 रुपये था। खबर लिखे जाने तक चांदी का भाव 16,131 रुपये गिरकर 2,52,719 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान इसका उच्च स्तर 2,58,096 रुपये और निचला स्तर 2,52,719 रुपये रहा।
इस साल चांदी पहले ही 4,20,048 रुपये प्रति किलो के लाइफ टाइम हाई तक पहुंच चुकी है, इसलिए निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली स्वाभाविक मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी नकारात्मक संकेत
गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार का कमजोर रुख भी है। COMEX पर सोना 4,986 डॉलर प्रति औंस पर खुला था, लेकिन बाद में 102.90 डॉलर टूटकर 4,847.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछला बंद भाव 4,950.80 डॉलर था। चांदी भी दबाव में रही। कॉमेक्स पर चांदी 87.64 डॉलर प्रति औंस पर खुली, लेकिन बाद में 10.14 डॉलर की गिरावट के साथ 74.25 डॉलर प्रति औंस पर फिसल गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने कीमती धातुओं की मांग को कमजोर किया है।
क्या कह रहे हैं बाजार जानकार?
कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि हालिया गिरावट तेज उछाल के बाद आई स्वाभाविक करेक्शन है। आगे कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों के संकेत और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी।
निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और बड़े दांव लगाने से पहले बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।








