जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा परीक्षा: 22 अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से अस्थायी राहत

Civil Service Exam

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े आयु सीमा विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने 22 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। जस्टिस आनंदा सेन की पीठ ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए आयु सीमा में छूट की मांग करने वाले अभ्यर्थियों को फिलहाल आवेदन भरने की अनुमति दे दी है। हालांकि अदालत ने साफ कर दिया है कि इन अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी और अंतिम परिणाम न्यायालय के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा तथा बिना कोर्ट की अनुमति रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा।

दरअसल, अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका में यह कहा गया था कि लंबे अंतराल के कारण नियमित रूप से सिविल सेवा परीक्षा आयोजित नहीं होने से कई उम्मीदवार आयु सीमा से बाहर हो गए हैं। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि नियमावली की धारा 4(1) के अनुसार आयोग को प्रत्येक वर्ष परीक्षा आयोजित करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होने से अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने यह भी बताया कि नियमावली की धारा 6 राज्य सरकार को अधिकतम आयु सीमा में छूट देने का अधिकार देती है और पूर्व की परीक्षाओं में सरकार इस प्रकार की राहत दे चुकी है। ऐसे में समान परिस्थितियों में इस बार भी आयु सीमा में छूट देना न्यायसंगत होगा।

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याचिकाकर्ताओं की दलीलों और रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि 14 फरवरी तक इन 22 अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार किए जाएं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत पूरी तरह अंतरिम प्रकृति की है और इससे अभ्यर्थियों को अंतिम अधिकार प्राप्त नहीं होगा। मामले की अगली सुनवाई और अंतिम आदेश के बाद ही यह तय होगा कि उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण रूप से शामिल किया जाएगा या नहीं।

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इस पूरे मामले में राज्य सरकार की ओर से अब तक आयु सीमा में छूट को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में अभ्यर्थियों की नजर अब कोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के संभावित रुख पर टिकी हुई है। जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा पहले से ही राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है और हाईकोर्ट का यह अंतरिम आदेश आने वाले दिनों में परीक्षा प्रक्रिया की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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