1 अप्रैल से देशभर में मिलेगा 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल (E20)
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए 1 अप्रैल से पूरे देश में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी E20 की बिक्री अनिवार्य कर दी है। यह अधिसूचना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी की गई है।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। एथेनॉल गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। सरकार पहले ही 10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E10) को लागू कर चुकी है, जिसे अब बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जा रहा है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। आयात पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा एथेनॉल मिश्रण से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
गाड़ियों पर क्या होगा असर?
सरकार के अनुसार, 2023 के बाद बनी अधिकांश नई गाड़ियां E20 फ्यूल के अनुरूप डिजाइन की गई हैं। हालांकि पुराने वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी की कंपनी से यह जांच लेना चाहिए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं।
ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी E20 अनुकूल इंजन तकनीक पर काम शुरू कर दिया है।
किसानों को होगा फायदा
एथेनॉल उत्पादन में गन्ना और मक्का जैसी फसलों का उपयोग होता है। इससे किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलेगा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य 2026 तक एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को और विस्तारित करना है।
क्या कीमतों में बदलाव होगा?
फिलहाल सरकार ने कीमतों में किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल मिश्रण से दीर्घकाल में ईंधन आयात बिल कम होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है।
स्पष्ट है कि 1 अप्रैल से लागू होने वाला E20 पेट्रोल भारत की ऊर्जा नीति में एक बड़ा बदलाव साबित होगा, जो पर्यावरण, किसानों और अर्थव्यवस्था—तीनों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








