झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: छात्रवृत्ति, लाइब्रेरी, ड्राइविंग संस्थान और शिक्षा ढांचे को मिली मंजूरी
मुनादी लाइव: झारखंड में विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 12 मार्च 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार की इस कैबिनेट बैठक में शिक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और कर्मचारियों के हितों से जुड़े अनेक फैसले लिए गए। इन निर्णयों को राज्य के दीर्घकालिक विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मांकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन
कैबिनेट बैठक में मांकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन को स्वीकृति दी गई। यह योजना विशेष रूप से आदिवासी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
सरकार का मानना है कि योजना में किए गए संशोधन से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिलेगा और आदिवासी युवाओं के लिए शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।
ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना
राज्य में सड़क सुरक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना को मंजूरी दी गई। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रुपये है।
इसमें भारत सरकार द्वारा 17 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इस परियोजना में Tata Motors की भी सहभागिता रहेगी।
इस संस्थान के माध्यम से आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा जागरूकता और परिवहन क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
अनुसूचित जनजाति छात्राओं के लिए छात्रावास
रांची स्थित वीमेंस कॉलेज के विज्ञान ब्लॉक में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 बेड वाले छात्रावास के निर्माण के लिए स्थल परिवर्तन और नए स्थान पर निर्माण की मंजूरी दी गई।
इस पहल से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली आदिवासी छात्राओं को सुरक्षित आवास की सुविधा मिलेगी और उनकी उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए नई स्वीकृतियां
कैबिनेट ने कई विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के भवन निर्माण को भी मंजूरी दी। इसमें रांची विश्वविद्यालय के एसएस मेमोरियल कॉलेज, कोल्हान विश्वविद्यालय के जेएलएन कॉलेज चक्रधरपुर और गोड्डा में नए महिला महाविद्यालय और डिग्री कॉलेज के निर्माण शामिल हैं।
इसके अलावा सिधु कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी के अंतर्गत सारठ (देवघर) स्थित महिला महाविद्यालय को सह-शिक्षा महाविद्यालय में बदलने का निर्णय लिया गया है, जिसका नया नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ होगा।
23 जिलों में अत्याधुनिक जिला पुस्तकालय
राज्य में शिक्षा और ज्ञान संसाधनों को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक जिला पुस्तकालय बनाने की योजना को मंजूरी दी है।
इन पुस्तकालयों के निर्माण, फर्नीचर और पुस्तकों की खरीद के लिए लगभग 276 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। इन लाइब्रेरी के निर्माण से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए नई नियमावली
सरकार ने कर्मचारियों की सेवा से संबंधित शिकायतों और सेवांत लाभों के समयबद्ध समाधान के लिए “झारखंड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली 2026” के गठन को भी मंजूरी दी है।
इस नियमावली के लागू होने से कर्मचारियों की शिकायतों का निपटारा अधिक पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से किया जा सकेगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को राज्य के शहरी निकायों में लागू करने की स्वीकृति, सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों को निःशुल्क स्कूल बैग उपलब्ध कराने की योजना में संशोधन तथा नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को विशेष वेतन का भुगतान शामिल है।
इसके साथ ही पलामू जिले के डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार का मानना है कि कैबिनेट के इन निर्णयों से झारखंड में शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि लाइब्रेरी निर्माण, शिक्षा संस्थानों के विस्तार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाएं राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेंगी और झारखंड के समग्र विकास को मजबूत आधार प्रदान करेंगी।








