झारखंड में बिजली दर बढ़ोतरी के खिलाफ BJP का प्रदर्शन, राज्यभर में उग्र विरोध
रांची, जामताड़ा, बोकारो और जमशेदपुर में प्रदर्शन तेज, JBVNL कार्यालयों का घेराव
रांची : झारखंड में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ दिया। राजधानी रांची से लेकर जामताड़ा, बोकारो और जमशेदपुर तक भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह आंदोलन प्रदेश भाजपा के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसके तहत सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया।
JBVNL कार्यालय के बाहर जोरदार धरना
राजधानी रांची के डोरंडा स्थित कुसई कॉलोनी में JBVNL के महाप्रबंधक कार्यालय के सामने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन किया। इस धरने का नेतृत्व विधायक सीपी सिंह और मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने किया। प्रदर्शन के दौरान बिजली कटौती, पोस्टपेड मीटर की गड़बड़ी और बढ़े हुए बिल को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
जामताड़ा: बिजली विभाग कार्यालय के सामने विरोध
जामताड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग कार्यालय के सामने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। यहां भी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दर वृद्धि को वापस लेने की मांग की।

बोकारो: अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव
बोकारो में भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज के नेतृत्व में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया गया। कार्यकर्ताओं ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। यहां भी प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी।

जमशेदपुर: जीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन
जमशेदपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के जीएम कार्यालय का घेराव किया। यहां लोगों ने स्मार्ट मीटर और बिलिंग में गड़बड़ी को लेकर विरोध जताया और कहा कि उपभोक्ताओं से अधिक वसूली की जा रही है।

6.5% बढ़ोतरी पर प्रदेशभर में नाराजगी
भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में बिजली दरों में लगभग 6.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी वादों से पीछे हटकर अब जनता से अतिरिक्त पैसा वसूल रही है।
सरकार पर तीखा हमला
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति की स्थिति पहले से खराब है, फिर भी दरों में वृद्धि कर दी गई है, जो पूरी तरह अनुचित है।
किसानों और ग्रामीण इलाकों पर असर
बढ़ी हुई बिजली दरों का असर किसानों पर भी पड़ा है। खेती-किसानी की लागत बढ़ गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। भाजपा ने इसे किसानों के खिलाफ कदम बताते हुए सरकार को घेरा।
स्मार्ट मीटर और बिलिंग पर सवाल
भाजपा ने स्मार्ट मीटर और पोस्टपेड बिलिंग सिस्टम में हो रही कथित गड़बड़ियों को भी बड़ा मुद्दा बनाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से अधिक बिल दिया जा रहा है और यह पूरी तरह से अनियमित है।
भाजपा की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं:
- बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए
- 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
- खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द बदला जाए
- बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए
- स्मार्ट मीटर के नाम पर अतिरिक्त वसूली बंद की जाए
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और इसे राज्यव्यापी जनआंदोलन बनाया जाएगा। झारखंड में बिजली दरों को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब राजनीतिक रूप ले चुका है। रांची, जामताड़ा, बोकारो और जमशेदपुर समेत पूरे राज्य में बढ़ती नाराजगी यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा बन सकता है।








