झारखंड में लू का कहर: स्कूल टाइमिंग बदलने या छुट्टी की मांग
पेरेंट्स एसोसिएशन ने सरकार को सौंपा ज्ञापन, बच्चों के स्वास्थ्य पर जताई चिंता
रांची: रांची सहित पूरे झारखंड में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए अब अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है। इसी को लेकर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूलों के समय में बदलाव या अस्थायी अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
बढ़ती गर्मी से जनजीवन प्रभावित
अजय राय ने कहा कि राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है। खासतौर पर स्कूली बच्चों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है। भीषण गर्मी के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
स्कूल टाइमिंग बदलने की मांग
पेरेंट्स एसोसिएशन ने अपनी मांग में कहा है कि स्कूलों का समय तत्काल प्रभाव से बदलकर सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक किया जाए। उनका मानना है कि इससे बच्चे तेज धूप और लू से बच सकेंगे और उनकी सेहत पर भी कम असर पड़ेगा।
अत्यधिक प्रभावित जिलों में छुट्टी की मांग
एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि जहां गर्मी का प्रकोप ज्यादा है, वहां कुछ दिनों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाए। अभिभावकों का कहना है कि दोपहर की भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के साथ जोखिम लेने जैसा है।
जिला प्रशासन को मिले अधिकार
अजय राय ने सुझाव दिया कि स्थानीय तापमान और परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन को निर्णय लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए। इससे जिलों की स्थिति के अनुसार समय पर उचित कदम उठाए जा सकेंगे।
शिक्षा मंत्री और DC को भी भेजा ज्ञापन
पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्य के शिक्षा मंत्री और रांची उपायुक्त को भी भेजी है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार को इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे पहले है और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। झारखंड में बढ़ती गर्मी अब एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है, खासकर स्कूली बच्चों के लिए। ऐसे में पेरेंट्स एसोसिएशन की यह मांग सरकार के लिए एक अहम संकेत है कि समय रहते उचित कदम उठाए जाएं, ताकि बच्चों को राहत मिल सके और उनकी सेहत सुरक्षित रह सके।








