नन्ही उम्र, बड़ी उपलब्धि: रांची के हृषभ ठाकुर ने राष्ट्रीय मंच पर झारखंड को दिलाई पहचान
CTSSS में फ्लूट श्रेणी में झारखंड में प्रथम स्थान
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के एक होनहार छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। DAV Nandaraj Public School के कक्षा VII-सी के छात्र हृषभ ठाकुर ने कल्चरल टैलेंट सर्च स्कॉलरशिप स्कीम (CTSSS) 2025-26 में फ्लूट (HMI) श्रेणी में झारखंड में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी प्रतिभा और समर्पण का परिणाम है, बल्कि यह पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण भी है।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति में चयन
CTSSS, जिसे Centre for Cultural Resources and Training द्वारा संचालित किया जाता है, देशभर के प्रतिभाशाली बच्चों को पहचान देने वाली एक प्रतिष्ठित योजना है। इस योजना के तहत 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला, शिल्प और साहित्य जैसी विभिन्न विधाओं में चयनित किया जाता है। पूरे देश से हर वर्ष केवल 650 छात्रों का चयन किया जाता है, जिससे इसकी प्रतिस्पर्धा और महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

झारखंड से चुने गए 5 प्रतिभाशाली छात्र
इस वर्ष झारखंड से कुल 5 अलग-अलग विषयों में 5 छात्रों का चयन हुआ है। इनमें हृषभ ठाकुर ने फ्लूट श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर राज्य में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण और शहरी पृष्ठभूमि के बच्चे भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
छात्रवृत्ति के साथ मिलेगा प्रशिक्षण सहयोग
इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 3600 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके साथ ही उनके गुरु या प्रशिक्षक को दिए जाने वाले प्रशिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति भी अधिकतम 9000 रुपये प्रति वर्ष तक की जाती है। यह पहल न केवल आर्थिक सहयोग देती है, बल्कि बच्चों को अपनी कला में और निखार लाने का अवसर भी प्रदान करती है।
विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल
इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने छात्र, उसके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हृषभ की सफलता विद्यालय के लिए गर्व का विषय है और यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। हृषभ के पिता नारायण ठाकुर सहित पूरा परिवार इस उपलब्धि से गौरवान्वित है।

प्रतिभा, मेहनत और समर्पण की मिसाल
हृषभ ठाकुर की यह सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और समर्पण के बल पर कोई भी छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के छात्रों को प्रेरित करेगी कि वे अपनी रुचि और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ें और बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।
रांची के इस युवा प्रतिभा ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है। जरूरत सिर्फ सही अवसर और मंच की है, जो मिलने पर ये प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर सकती हैं।








