सोना महंगा, पेट्रोल बचाने की अपील और मंत्रियों के काफिले पर कैंची

Gold import duty

पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार के बड़े फैसलों से बदलेगी आम जिंदगी!

नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच भारत सरकार अब बड़े स्तर पर आर्थिक और ईंधन बचत उपायों पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और गैरजरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद अब केंद्र और राज्य सरकारों ने कई अहम कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

सोना-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी 15%
सरकार ने सोना और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सोने के आयात में कमी आएगी, व्यापार घाटा कम होगा और डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये को कुछ सहारा मिल सकता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इम्पोर्टर्स में शामिल है और भारी आयात के कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर लगातार दबाव बढ़ता है।

भारत के पास कितना तेल और LPG स्टॉक?
Hardeep Singh Puri ने स्थिति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत के पास करीब 60 दिन का कच्चा तेल और 45 दिन का LPG स्टॉक मौजूद है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की बातों का “मनगढ़ंत मतलब” नहीं निकाला जाना चाहिए। सरकार का उद्देश्य सिर्फ ईंधन की बचत और आर्थिक संतुलन बनाए रखना है।

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मंत्रियों के काफिले से हटेंगे आधे वाहन
ईंधन की खपत कम करने को लेकर कई राज्य सरकारों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath ने मंत्रियों के काफिलों से आधे वाहन हटाने का फैसला लिया है। साथ ही सरकारी अधिकारियों को भी फिजूल ईंधन खर्च कम करने के निर्देश दिए गए हैं।

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यूपी में Work From Home की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुछ विभागों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि यात्रा कम हो और पेट्रोल-डीजल की बचत हो सके। इसके अलावा कई राज्यों में सरकारी बैठकों को वर्चुअल मोड में करने पर जोर दिया जा रहा है।

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मंत्री ई-रिक्शा से, जज साइकिल से पहुंचे
प्रधानमंत्री की अपील का असर अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली में कुछ मंत्री ई-रिक्शा से सफर करते नजर आए, जबकि मध्य प्रदेश में सांसद और जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे। कई राज्यों में मुख्यमंत्री के काफिलों को छोटा करने पर भी काम शुरू हो गया है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, पुरानी नीतियों पर बहस
प्रधानमंत्री की अपील के बाद विपक्ष, खासकर Indian National Congress ने सरकार की आलोचना की है। इसी बीच सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में पुराने आर्थिक फैसलों पर भी बहस छिड़ गई है। ऐतिहासिक दस्तावेजों के हवाले से यह चर्चा तेज हुई कि 1962 से 1968 के बीच कांग्रेस शासन में स्वर्ण नियंत्रण अधिनियम के तहत 14 कैरेट से अधिक के आभूषण और सोने के सिक्कों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे।

स्वदेशी जागरण मंच ने किया समर्थन
Swadeshi Jagran Manch ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया है। संगठन का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने से देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

सरकार की चिंता क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में संकट लंबा खिंचने पर तेल कीमतों में और उछाल आ सकता है। ऐसे में सरकार अभी से ईंधन बचत, आयात नियंत्रण और आर्थिक अनुशासन पर जोर देकर संभावित संकट से निपटने की तैयारी कर रही है।

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