बेरमो से बड़ी खबर! खदानें बन चुकी हैं मौत का कुआं और सीसीएल की आंखें अब भी बंद हैं

बेरमो सीसीएल खदान

बेरमो,झारखंड : जी हां, हम बात कर रहे हैं झारखंड के बेरमो की, जहां सीसीएल के सेफ्टी बोर्ड के मेंबर्स ने एक ऐसी सच्चाई को उजागर किया है जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं!”

“जनता मजदूर संघ के सेफ्टी बोर्ड मेंबर्स, पिपरवार के जीएम रवीन्द्रनाथ सिंह और बड़का सवाल के जीएम विकास कुमार ने ढोरी एरिया के SDOCP (कल्याणी), AADOCM (अमलो), और ढोरी खास माइंस का निरीक्षण किया। और जो उन्होंने देखा — सीसीएल की कार्यशैली पर सीधा हमला है !”

उन्होंने बताया की यहाँ “सिर्फ अनियमितताएं नहीं, यहां तो सीधे-सीधे नियमों की हत्या हो रही है! न सुरक्षा के इंतज़ाम है , न इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम, और ऊपर से खदानों के ऊपर जमा 45 मिलियन गैलन पानी। हैरानी की बात ये है कि अगर थोड़ी सी बारिश हो जाए या तेज हवा चल जाए — तो पूरा मलबा खिसक सकता है, और मज़दूरों की ज़िंदगी मिट्टी में मिल सकती है!”

तो सवाल उठता है की क्या “सीसीएल क्या सिर्फ कोयला निकालना जानती है, मजदूरों की जान की कीमत नहीं? क्या इन खदानों में जो हो रहा है, वो खुली हत्या नहीं है? और अगर कल कोई हादसा होता है तो जिम्मेदार कौन होगा ?

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“मुनादी LIVE की सीधी मांग करता है की या तो खदानों को सुरक्षित किया जाए, या फिर इन पर ताला लगाया जाए।

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