मांडू अंचल में 403.30 एकड़ संदेहात्मक जमाबंदी रद्द : चंदन कुमार

मांडू अंचल

रामगढ़ से मुकेश सिंह: रामगढ़ जिले के मांडू अंचल में 403.30 एकड़ गैर-मजरूआ खास किस्म जंगल भूमि पर संदेहात्मक जमाबंदी रद्द किए जाने के मामले में उपायुक्त चंदन कुमार ने शनिवार को प्रेस वार्ता की।

उपायुक्त ने जानकारी दी कि मांडू अंचल अंतर्गत मौजा चपरा (थाना संख्या 94, खाता संख्या 7) में तीन व्यक्तियों—उमापदो सेन मोदक (168.30 एकड़), ईशहाक मियां (150 एकड़) और विश्वनाथ सेन मोदक (85 एकड़)—के नाम से संदेहात्मक रूप से जमाबंदी की गई थी। इस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी ने इसे रद्द कर दिया।

इस मामले की सुनवाई उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी की अदालत में हुई, जहां बिहार/झारखंड भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा 4(h) के तहत संदेहात्मक जमाबंदी को रद्द कर दिया गया। अब इस संबंध में आयुक्त, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग को प्रस्ताव भेजा गया है।

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संभावित गड़बड़ियों के आधार पर इन जमाबंदियों को रद्द किया गया, जिनमें शामिल हैं:

  1. भूमि पर विपक्षी का कब्जा नहीं था और कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया।
  2. लगान निर्धारण (M प्रपत्र) से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं था।
  3. पंजी-2 में जमाबंदी खोलने का कोई सक्षम पदाधिकारी का आदेश नहीं था।
  4. रैयत मान्यता अभिलेख पर सक्षम प्राधिकार का हस्ताक्षर नहीं था।
  5. सरकारी आदेश के बिना वन भूमि की बंदोबस्ती अवैध मानी गई।
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अब देखना होगा कि आयुक्त कार्यालय से इस पर क्या निर्णय आता है और क्या आगे भी ऐसी गड़बड़ियों पर प्रशासन इसी तरह की सख्त कार्रवाई करेगा।

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